भगवान राम आरती

भगवान राम · Ram · आरती

भगवान राम आरती के बोल

॥ श्री रामचन्द्र जी की आरती ॥
(रचयिता: सन्त नामदेव)

आरती कीजै रामचन्द्र जी की।
हरि-हरि दुष्टदलन सीतापति जी की॥

पहली आरती पुष्पन की माला।
काली नाग नाथ लाये गोपाला॥

दूसरी आरती देवकी नन्दन।
भक्त उबारन कंस निकन्दन॥

तीसरी आरती त्रिभुवन मोहे।
रत्न-सिंहासन सीता-रामजी सोहे॥

चौथी आरती चहुँ युग पूजा।
देव निरंजन स्वामी और न दूजा॥

पाँचवीं आरती राम को भावे।
रामजी का यश "नामदेव" जी गावें॥

आरती कीजै रामचन्द्र जी की।
हरि-हरि दुष्टदलन सीतापति जी की॥