माँ दुर्गा मंत्र
माँ दुर्गा · Durga · मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र के बोल
॥ श्री दुर्गा ध्यान मन्त्र ॥
सिंहस्था शशिशेखरा मरकतप्रख्यैश्चतुर्भिर्भुजैः
शङ्खं चक्रधनुःशरांश्च दधती नेत्रैस्त्रिभिः शोभिता।
आमुक्ताङ्गदहारकङ्कणरणत्काञ्चीरणन्नूपुरा
दुर्गा दुर्गतिहारिणी भवतु नो रत्नोल्लसत्कुण्डला॥
ॐ श्री दुर्गायै नमः, ध्यानार्थे अक्षतपुष्पाणि समर्पयामि।
अर्थ: सिंह पर विराजमान, मस्तक पर चन्द्रमा धारण किए, मरकत-मणि के समान
आभा वाली चार भुजाओं में शंख, चक्र, धनुष व बाण धारण किए, तीन नेत्रों से
सुशोभित, बाजूबन्द-हार-कंगन-करधनी-नूपुर से अलंकृत, रत्नजड़ित कुण्डल वाली
दुर्गति-हारिणी माँ दुर्गा हम पर कृपा करें।
【 अन्य प्रचलित दुर्गा ध्यान श्लोक 】
ॐ कालाभ्राभां कटाक्षैररिकुलभयदां मौलिबद्धेन्दुरेखां
शङ्खं चक्रं कृपाणं त्रिशिखमपि करैरुद्वहन्तीं त्रिनेत्राम्।
सिंहस्कन्धाधिरूढां त्रिभुवनमखिलं तेजसा पूरयन्तीं
ध्यायेद् दुर्गां जयाख्यां त्रिदशपरिवृतां सेवितां सिद्धिकामैः॥