भगवान शिव मंत्र
भगवान शिव · Shiva · मंत्र
भगवान शिव मंत्र के बोल
॥ श्री शिव ध्यान मन्त्र ॥
(शास्त्रीय / पूजा-पद्धति वाला)
ध्यायेन्नित्यं महेशं रजतगिरिनिभं चारुचन्द्रावतंसं
रत्नाकल्पोज्ज्वलाङ्गं परशुमृगवराभीतिहस्तं प्रसन्नम्।
पद्मासीनं समन्तात् स्तुतममरगणैर्व्याघ्रकृत्तिं वसानं
विश्वाद्यं विश्वबीजं निखिलभयहरं पञ्चवक्त्रं त्रिनेत्रम्॥
अर्थ: चाँदी के पर्वत (कैलास) के समान श्वेत, सुन्दर चन्द्रमा को आभूषण रूप में
धारण करने वाले, रत्नों के आभूषणों से उज्ज्वल अंगों वाले, हाथों में परशु, मृग,
वरद व अभय मुद्रा धारण किए प्रसन्न, पद्मासन में बैठे, चारों ओर से देवगणों द्वारा
स्तुत, व्याघ्र-चर्म धारण किए, विश्व के आदि व बीज, समस्त भय हरने वाले,
पञ्चमुख व त्रिनेत्र महेश का मैं नित्य ध्यान करता हूँ।