शनि देव मंत्र
शनि देव · Shani · मंत्र
शनि देव मंत्र के बोल
॥ श्री शनिदेव मन्त्र-संग्रह ॥
【 मूल मन्त्र 】
ॐ शं शनैश्चराय नमः॥
【 बीज / तान्त्रिक मन्त्र 】
ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः॥
【 ध्यान-प्रणाम मन्त्र 】
नीलाञ्जन समाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्।
छायामार्तण्डसम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्॥
अर्थ: नीले अंजन के समान आभा वाले, सूर्य-पुत्र, यम के बड़े भाई,
छाया व मार्तण्ड (सूर्य) से उत्पन्न — उन शनैश्चर को मैं नमस्कार करता हूँ।
【 शनि गायत्री मन्त्र — चार प्रचलित पाठ 】
ॐ सूर्यात्मजाय विद्महे, मृत्युरूपाय धीमहि। तन्नः सौरिः प्रचोदयात्॥
ॐ भगभवाय विद्महे, मृत्युरूपाय धीमहि। तन्नो शनिः प्रचोदयात्॥
ॐ काकध्वजाय विद्महे, खड्गहस्ताय धीमहि। तन्नो मन्दः प्रचोदयात्॥
ॐ कालनेमि नन्दनाय विद्महे, महाकायाय धीमहि। तन्नो मन्दः प्रचोदयात्॥
【 शनि वैदिक मन्त्र 】
ॐ शन्नो देवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये।
शंयोरभिस्रवन्तु नः॥
【 शनि दश-नाम (पिप्पलाद) 】
कोणस्थः पिंगलो बभ्रुः कृष्णो रौद्रोऽन्तको यमः।
सौरिः शनैश्चरो मन्दः पिप्पलादेन संस्तुतः॥