राहु गोचर 2026 — मकर राशि

आगामी गोचर · 5 दिस॰ 2026 से 24 जून 2028 तक

गोचर विवरण

ग्रहराहु (Rahu)
राशिमकर
प्रवेश5 दिस॰ 2026
राशि में रहेंगे24 जून 2028 तक (लगभग 1.5 वर्ष)
स्थितिआगामी गोचर
गरिमासामान्य
अगला गोचरधनु राशि में 24 जून 2028 से

राहु गोचर का अर्थ क्या है

गोचर का अर्थ है ग्रह का आकाश में एक राशि से दूसरी राशि में जाना। राहु लगभग डेढ़ वर्ष प्रति राशि (सदैव वक्री) की गति से चलते हैं, इसलिए इनका मकर राशि में 5 दिस॰ 2026 से आरंभ हुआ यह काल लगभग 1.5 वर्ष तक रहता है।

राहु छाया ग्रह — जिस भाव में हो उसे बढ़ाता भी है, भ्रमित भी करता है हैं और मुख्यतः महत्वाकांक्षा, विदेश, तकनीक, अचानक उत्थान व भ्रम के कारक माने गए हैं। ये जिस राशि में जाते हैं, उससे संबंधित भाव के विषय सक्रिय हो जाते हैं — और वही विषय हर जातक की चन्द्र-राशि के अनुसार भिन्न भाव में पड़ता है, इसीलिए एक ही गोचर सबके लिए एक जैसा फल नहीं देता।

मकर पृथ्वी-तत्व की चर राशि है, जिसके स्वामी शनि हैं — कर्म व अनुशासन का। राहु यहाँ सामान्य बल में हैं, अतः फल कुंडली के अन्य योगों पर अधिक निर्भर रहेगा।

सभी 12 राशियों पर राहु गोचर का फल

राशिचन्द्र से भावफल
मेष10 (कर्म व पद)सावधानी — कार्यक्षेत्र में अवरोध संभव; बड़े परिवर्तन कुछ समय टालें।
वृषभ9 (भाग्य व धर्म)मध्यम — भाग्य का साथ सामान्य; धर्म-मार्ग पर बने रहें, फल शनैः-शनैः मिलेगा।
मिथुन8 (आयु व गूढ़ बाधा)सावधानी — अष्टम गोचर — स्वास्थ्य, अपयश व अचानक बाधा से सावधान; आराधना विशेष फलदायी।
कर्क7 (दांपत्य व साझेदारी)सावधानी — दांपत्य में तनाव न बढ़ने दें; साझेदारी के निर्णय सोच-समझकर लें।
सिंह6 (रोग-ऋण-शत्रु)शुभ — रोग-ऋण-शत्रु पर विजय; सेवा व नौकरी में बढ़त मिलेगी।
कन्या5 (संतान व विद्या)सावधानी — संतान व विद्या की चिंता संभव; क्रोध व जोखिम से दूर रहें।
तुला4 (गृह-सुख व माता)सावधानी — गृह-सुख में बाधा संभव; वाहन सावधानी व माता के स्वास्थ्य का ध्यान।
वृश्चिक3 (पराक्रम व साहस)शुभ — पराक्रम फलित होगा — प्रतिस्पर्धा, प्रयास व छोटी यात्राओं में विजय।
धनु2 (धन व कुटुंब)सावधानी — धन-हानि व कटु वाणी से बचें; बड़े लेन-देन कुछ समय टालें।
मकर1 (देह व स्वभाव)सावधानी — देह व मन पर भार रहेगा; स्वास्थ्य व वाणी दोनों में संयम — उपाय अवश्य करें।
कुम्भ12 (व्यय व मोक्ष)सावधानी — व्यय-भाव का कठिन गोचर — अपव्यय, विवाद व अनिद्रा से बचें; दान-पुण्य करें।
मीन11 (लाभ व इच्छापूर्ति)शुभ — लाभ-भाव का श्रेष्ठ गोचर — आय, इच्छापूर्ति व मित्र-सुख।

यह फल कैसे निकाला जाता है

शास्त्र में गोचर-फल चन्द्र-राशि (जन्म राशि) से गिना जाता है — ग्रह आपकी राशि से कौन-से भाव में जा रहा है, यही फल तय करता है। राहु के लिए चन्द्र-राशि से 3, 6, 11 भाव शुभ माने गए हैं (बृहत्संहिता का गोचर अध्याय), शेष भाव मध्यम अथवा सावधानी के। इस पृष्ठ की गणना ग्रह की वास्तविक खगोलीय स्थिति (निरयन/लाहिरी) पर आधारित है — तिथियाँ अनुमान नहीं, गणना हैं।

उपाय, मंत्र व दान

शनिवार को जौ का दान व राहु बीज मंत्र का जप।

राहु बीज मंत्र — ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः (प्रतिदिन 108 बार जप)।

दान: जौ, सरसों, नीले वस्त्र व नारियल का दान शनिवार को करना शास्त्र-सम्मत है।

उपाय का उद्देश्य ग्रह को "टालना" नहीं, अपने कर्म व मन को उस ऊर्जा के अनुकूल बनाना है — इसीलिए जप, दान व सेवा तीनों साथ कहे गए हैं।

व्यक्तिगत फल

यह फल चन्द्र-राशि आधारित सामान्य शास्त्रीय संकेत है। आपकी जन्म-कुंडली में राहु किस भाव के स्वामी हैं, किस दशा-अंतर्दशा में हैं, और उन पर किसकी दृष्टि है — इन तीनों से वास्तविक फल बदल जाता है। व्यक्तिगत विश्लेषण हेतु ज्योतिष आचार्य से पूछें; पहला प्रश्न निःशुल्क है।