चित्रा नक्षत्र

Chitra · स्वामी मंगल

नक्षत्र परिचय

नक्षत्रचित्रा (Chitra)
स्वामी ग्रहमंगल
देवतात्वष्टा (विश्वकर्मा)
प्रतीकउज्ज्वल मणि
गणराक्षस
नाड़ीमध्य
योनिव्याघ्र
राशिकन्या, तुला
विस्तारकन्या 23°20' – तुला 6°39'

चरण व नवांश

1 चरणनवांश राशि — सिंह
2 चरणनवांश राशि — कन्या
3 चरणनवांश राशि — तुला
4 चरणनवांश राशि — वृश्चिक

मंत्र

चित्रा नक्षत्र के स्वामी मंगल हैं। इनका बीज मंत्र — ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः (108 बार जप)।

विवाह-मिलान में महत्व

गुण-मिलान (अष्टकूट) में नक्षत्र से ही तारा, योनि, गण व नाड़ी कूट निर्धारित होते हैं। चित्रा की नाड़ी मध्य व गण राक्षस है — समान नाड़ी वाले नक्षत्र से मिलान में नाड़ी दोष बनता है।