कृत्तिका नक्षत्र

Krittika · स्वामी सूर्य

नक्षत्र परिचय

नक्षत्रकृत्तिका (Krittika)
स्वामी ग्रहसूर्य
देवताअग्नि
प्रतीकछुरा / अग्नि-शिखा
गणराक्षस
नाड़ीअन्त्य
योनिमेष
राशिमेष, वृषभ
विस्तारमेष 26°40' – वृषभ 9°59'

चरण व नवांश

1 चरणनवांश राशि — धनु
2 चरणनवांश राशि — मकर
3 चरणनवांश राशि — कुम्भ
4 चरणनवांश राशि — मीन

स्वामी सूर्य की वर्तमान स्थिति

सूर्य इस समय कन्या राशि में हैं, और 17 अक्टू॰ 2026 को तुला राशि में प्रवेश करेंगे।

विंशोत्तरी पद्धति में सूर्य की महादशा 6 वर्ष की होती है — जिस जातक का जन्म कृत्तिका नक्षत्र में हुआ हो, उसका जीवन इसी महादशा से आरंभ होता है।

चन्द्रमा कृत्तिका नक्षत्र में कब

चन्द्रमा अगली बार कृत्तिका नक्षत्र में मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को आएगा।

चन्द्रमा लगभग सवा दो दिन एक नक्षत्र में रहता है और 27 नक्षत्रों का चक्र लगभग 27 दिन में पूरा करता है — इसी से पंचांग का दैनिक नक्षत्र तय होता है। गणना निरयन (लाहिरी) पद्धति से।

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मंत्र

कृत्तिका नक्षत्र के स्वामी सूर्य हैं। इनका बीज मंत्र — ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः (108 बार जप)।

विवाह-मिलान में महत्व

गुण-मिलान (अष्टकूट) में नक्षत्र से ही तारा, योनि, गण व नाड़ी कूट निर्धारित होते हैं। कृत्तिका की नाड़ी अन्त्य व गण राक्षस है — समान नाड़ी वाले नक्षत्र से मिलान में नाड़ी दोष बनता है।