कृत्तिका नक्षत्र

Krittika · स्वामी सूर्य

नक्षत्र परिचय

नक्षत्रकृत्तिका (Krittika)
स्वामी ग्रहसूर्य
देवताअग्नि
प्रतीकछुरा / अग्नि-शिखा
गणराक्षस
नाड़ीअन्त्य
योनिमेष
राशिमेष, वृषभ
विस्तारमेष 26°40' – वृषभ 9°59'

चरण व नवांश

1 चरणनवांश राशि — धनु
2 चरणनवांश राशि — मकर
3 चरणनवांश राशि — कुम्भ
4 चरणनवांश राशि — मीन

मंत्र

कृत्तिका नक्षत्र के स्वामी सूर्य हैं। इनका बीज मंत्र — ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः (108 बार जप)।

विवाह-मिलान में महत्व

गुण-मिलान (अष्टकूट) में नक्षत्र से ही तारा, योनि, गण व नाड़ी कूट निर्धारित होते हैं। कृत्तिका की नाड़ी अन्त्य व गण राक्षस है — समान नाड़ी वाले नक्षत्र से मिलान में नाड़ी दोष बनता है।