मूल नक्षत्र

Mula · स्वामी केतु

नक्षत्र परिचय

नक्षत्रमूल (Mula)
स्वामी ग्रहकेतु
देवतानिर्ऋति
प्रतीकसिंह-पुच्छ
गणराक्षस
नाड़ीआदि
योनिश्वान
राशिधनु
विस्तारधनु 0°00' – धनु 13°19'

चरण व नवांश

1 चरणनवांश राशि — मेष
2 चरणनवांश राशि — वृषभ
3 चरणनवांश राशि — मिथुन
4 चरणनवांश राशि — कर्क

मंत्र

मूल नक्षत्र के स्वामी केतु हैं। इनका बीज मंत्र — ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः (108 बार जप)।

विवाह-मिलान में महत्व

गुण-मिलान (अष्टकूट) में नक्षत्र से ही तारा, योनि, गण व नाड़ी कूट निर्धारित होते हैं। मूल की नाड़ी आदि व गण राक्षस है — समान नाड़ी वाले नक्षत्र से मिलान में नाड़ी दोष बनता है।