पुनर्वसु नक्षत्र

Punarvasu · स्वामी गुरु

नक्षत्र परिचय

नक्षत्रपुनर्वसु (Punarvasu)
स्वामी ग्रहगुरु
देवताअदिति
प्रतीकधनुष-तूणीर
गणदेव
नाड़ीआदि
योनिमार्जार
राशिमिथुन, कर्क
विस्तारमिथुन 20°00' – कर्क 3°19'

चरण व नवांश

1 चरणनवांश राशि — मेष
2 चरणनवांश राशि — वृषभ
3 चरणनवांश राशि — मिथुन
4 चरणनवांश राशि — कर्क

मंत्र

पुनर्वसु नक्षत्र के स्वामी गुरु हैं। इनका बीज मंत्र — ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः (108 बार जप)।

विवाह-मिलान में महत्व

गुण-मिलान (अष्टकूट) में नक्षत्र से ही तारा, योनि, गण व नाड़ी कूट निर्धारित होते हैं। पुनर्वसु की नाड़ी आदि व गण देव है — समान नाड़ी वाले नक्षत्र से मिलान में नाड़ी दोष बनता है।