रोहिणी नक्षत्र

Rohini · स्वामी चन्द्र

नक्षत्र परिचय

नक्षत्ररोहिणी (Rohini)
स्वामी ग्रहचन्द्र
देवताब्रह्मा
प्रतीकशकट (गाड़ी)
गणमनुष्य
नाड़ीअन्त्य
योनिसर्प
राशिवृषभ
विस्तारवृषभ 10°00' – वृषभ 23°19'

चरण व नवांश

1 चरणनवांश राशि — मेष
2 चरणनवांश राशि — वृषभ
3 चरणनवांश राशि — मिथुन
4 चरणनवांश राशि — कर्क

मंत्र

रोहिणी नक्षत्र के स्वामी चन्द्र हैं। इनका बीज मंत्र — ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः (108 बार जप)।

विवाह-मिलान में महत्व

गुण-मिलान (अष्टकूट) में नक्षत्र से ही तारा, योनि, गण व नाड़ी कूट निर्धारित होते हैं। रोहिणी की नाड़ी अन्त्य व गण मनुष्य है — समान नाड़ी वाले नक्षत्र से मिलान में नाड़ी दोष बनता है।