श्रवण नक्षत्र
Shravana · स्वामी चन्द्र
नक्षत्र परिचय
| नक्षत्र | श्रवण (Shravana) |
|---|---|
| स्वामी ग्रह | चन्द्र |
| देवता | विष्णु |
| प्रतीक | त्रिपद / तीन चरण |
| गण | देव |
| नाड़ी | अन्त्य |
| योनि | वानर |
| राशि | मकर |
| विस्तार | मकर 10°00' – मकर 23°19' |
चरण व नवांश
| 1 चरण | नवांश राशि — मेष |
|---|---|
| 2 चरण | नवांश राशि — वृषभ |
| 3 चरण | नवांश राशि — मिथुन |
| 4 चरण | नवांश राशि — कर्क |
मंत्र
श्रवण नक्षत्र के स्वामी चन्द्र हैं। इनका बीज मंत्र — ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः (108 बार जप)।
विवाह-मिलान में महत्व
गुण-मिलान (अष्टकूट) में नक्षत्र से ही तारा, योनि, गण व नाड़ी कूट निर्धारित होते हैं। श्रवण की नाड़ी अन्त्य व गण देव है — समान नाड़ी वाले नक्षत्र से मिलान में नाड़ी दोष बनता है।