श्रवण नक्षत्र

Shravana · स्वामी चन्द्र

नक्षत्र परिचय

नक्षत्रश्रवण (Shravana)
स्वामी ग्रहचन्द्र
देवताविष्णु
प्रतीकत्रिपद / तीन चरण
गणदेव
नाड़ीअन्त्य
योनिवानर
राशिमकर
विस्तारमकर 10°00' – मकर 23°19'

चरण व नवांश

1 चरणनवांश राशि — मेष
2 चरणनवांश राशि — वृषभ
3 चरणनवांश राशि — मिथुन
4 चरणनवांश राशि — कर्क

स्वामी चन्द्र की वर्तमान स्थिति

चन्द्र इस समय कन्या राशि में हैं, और 11 अक्टू॰ 2026 को तुला राशि में प्रवेश करेंगे।

विंशोत्तरी पद्धति में चन्द्र की महादशा 10 वर्ष की होती है — जिस जातक का जन्म श्रवण नक्षत्र में हुआ हो, उसका जीवन इसी महादशा से आरंभ होता है।

चन्द्रमा श्रवण नक्षत्र में कब

चन्द्रमा अगली बार श्रवण नक्षत्र में सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को आएगा।

चन्द्रमा लगभग सवा दो दिन एक नक्षत्र में रहता है और 27 नक्षत्रों का चक्र लगभग 27 दिन में पूरा करता है — इसी से पंचांग का दैनिक नक्षत्र तय होता है। गणना निरयन (लाहिरी) पद्धति से।

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मंत्र

श्रवण नक्षत्र के स्वामी चन्द्र हैं। इनका बीज मंत्र — ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः (108 बार जप)।

विवाह-मिलान में महत्व

गुण-मिलान (अष्टकूट) में नक्षत्र से ही तारा, योनि, गण व नाड़ी कूट निर्धारित होते हैं। श्रवण की नाड़ी अन्त्य व गण देव है — समान नाड़ी वाले नक्षत्र से मिलान में नाड़ी दोष बनता है।