विशाखा नक्षत्र

Vishakha · स्वामी गुरु

नक्षत्र परिचय

नक्षत्रविशाखा (Vishakha)
स्वामी ग्रहगुरु
देवताइन्द्राग्नि
प्रतीकतोरण (द्वार)
गणराक्षस
नाड़ीअन्त्य
योनिव्याघ्र
राशितुला, वृश्चिक
विस्तारतुला 20°00' – वृश्चिक 3°19'

चरण व नवांश

1 चरणनवांश राशि — मेष
2 चरणनवांश राशि — वृषभ
3 चरणनवांश राशि — मिथुन
4 चरणनवांश राशि — कर्क

स्वामी गुरु की वर्तमान स्थिति

गुरु इस समय कर्क राशि में हैं, और 31 अक्टू॰ 2026 को सिंह राशि में प्रवेश करेंगे।

विंशोत्तरी पद्धति में गुरु की महादशा 16 वर्ष की होती है — जिस जातक का जन्म विशाखा नक्षत्र में हुआ हो, उसका जीवन इसी महादशा से आरंभ होता है।

चन्द्रमा विशाखा नक्षत्र में कब

चन्द्रमा अगली बार विशाखा नक्षत्र में मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को आएगा।

चन्द्रमा लगभग सवा दो दिन एक नक्षत्र में रहता है और 27 नक्षत्रों का चक्र लगभग 27 दिन में पूरा करता है — इसी से पंचांग का दैनिक नक्षत्र तय होता है। गणना निरयन (लाहिरी) पद्धति से।

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मंत्र

विशाखा नक्षत्र के स्वामी गुरु हैं। इनका बीज मंत्र — ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः (108 बार जप)।

विवाह-मिलान में महत्व

गुण-मिलान (अष्टकूट) में नक्षत्र से ही तारा, योनि, गण व नाड़ी कूट निर्धारित होते हैं। विशाखा की नाड़ी अन्त्य व गण राक्षस है — समान नाड़ी वाले नक्षत्र से मिलान में नाड़ी दोष बनता है।