साढ़ेसाती — अभी किन राशियों पर
शनि मीन राशि में (वक्री) · 30 मार्च 2025 से 3 जून 2027 तक
वर्तमान स्थिति
| राशि | स्थिति | फल |
|---|---|---|
| मेष | साढ़ेसाती — प्रथम चरण | शनि चन्द्र से 12वें भाव में — व्यय व मानसिक भार बढ़ता है; आय-व्यय के निर्णय संभलकर लें। |
| मीन | साढ़ेसाती — मध्य चरण | शनि चन्द्र राशि पर — सबसे प्रभावी चरण; स्वास्थ्य, मन व निकट-संबंधों की परीक्षा। कर्म-निष्ठा ही रक्षा है। |
| कुम्भ | साढ़ेसाती — अंतिम चरण | शनि चन्द्र से दूसरे भाव में — धन व कुटुंब से जुड़े विषय; वाणी-संयम व संचय पर ध्यान दें। |
| धनु | कंटक शनि (ढैया) | शनि चन्द्र से चौथे भाव में — गृह-सुख व कार्य-स्थिरता में बाधा संभव; धैर्य रखें। |
| सिंह | अष्टम शनि (ढैया) | शनि चन्द्र से आठवें भाव में — स्वास्थ्य व अचानक बाधाओं से सतर्क रहें; उपाय विशेष फलदायी। |
3 जून 2027 के बाद (शनि मेष में)
- वृषभ — साढ़ेसाती — प्रथम चरण
- मेष — साढ़ेसाती — मध्य चरण
- मीन — साढ़ेसाती — अंतिम चरण
- मकर — कंटक शनि (ढैया)
- कन्या — अष्टम शनि (ढैया)
उपाय
शनिवार को तिल-तेल का दान व हनुमान चालीसा का पाठ। शनि बीज मंत्र — ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः (108 बार जप)। साढ़ेसाती भय का नहीं, कर्म-शुद्धि का काल है — सेवा, अनुशासन व हनुमान-आराधना से शनि प्रसन्न होते हैं।
व्यक्तिगत फल
चरण का वास्तविक प्रभाव आपकी कुंडली (शनि की दशा, दृष्टि, बल) पर निर्भर है — व्यक्तिगत विश्लेषण हेतु ज्योतिष आचार्य से पूछें।