तकनीक व स्रोत
ग्रंथ-आधारित · गणना-आधारित · पारदर्शी
उत्तर कैसे बनता है
पहले आपकी जन्म तिथि, समय व स्थान से कुंडली की खगोलीय गणना होती है (निरयन/लाहिरी) — ग्रह-स्थिति, भाव, महादशा व गोचर सब गणना से निकलते हैं, अनुमान से नहीं।
फिर उस चार्ट पर प्रामाणिक वैदिक ज्योतिष ग्रंथों के सिद्धांत लागू किए जाते हैं। तकनीक केवल सेतु का काम करती है — शास्त्र के नियम और आपकी कुंडली के बीच।
स्रोत
उत्तर पारंपरिक वैदिक ज्योतिष परम्परा के शास्त्रीय संग्रह पर आधारित होते हैं, और जहाँ श्लोक उद्धृत किया जाता है वहाँ ग्रंथ का नाम भी दिया जाता है।
क्या नहीं किया जाता
तिथियाँ कभी अनुमान से नहीं गढ़ी जातीं — जो भी काल बताया जाता है वह दशा व गोचर की गणना से निकलता है। जहाँ शास्त्र निश्चित उत्तर नहीं देता, वहाँ यह स्पष्ट कहा जाता है।