मंत्र संग्रह

बीज मंत्र · स्तोत्र · जप विधि

मंत्र जप की विधि

मंत्र जप प्रायः 108 बार किया जाता है — एक माला। स्नान के बाद पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके, आसन पर बैठकर, शांत मन से जप करें। ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटा पूर्व) जप हेतु सर्वश्रेष्ठ काल कहा गया है। जप की गिनती के लिए इस ऐप की ऑनलाइन जप-माला का उपयोग किया जा सकता है।

देवता अनुसार आरती, चालीसा, मंत्र व भजन (14)

नवग्रह बीज मंत्र

सूर्यॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः
चन्द्रॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः
मंगलॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
बुधॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः
गुरुॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः
शुक्रॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः
शनिॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
राहुॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः
केतुॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः

वार अनुसार मंत्र