मंत्र संग्रह
बीज मंत्र · स्तोत्र · जप विधि
मंत्र जप की विधि
मंत्र जप प्रायः 108 बार किया जाता है — एक माला। स्नान के बाद पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके, आसन पर बैठकर, शांत मन से जप करें। ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटा पूर्व) जप हेतु सर्वश्रेष्ठ काल कहा गया है। जप की गिनती के लिए इस ऐप की ऑनलाइन जप-माला का उपयोग किया जा सकता है।
देवता अनुसार आरती, चालीसा, मंत्र व भजन (14)
- भगवान राम — 47 पाठ
- माँ दुर्गा — 37 पाठ
- भगवान कृष्ण — 32 पाठ
- श्री गणेश — 31 पाठ
- भगवान विष्णु — 31 पाठ
- भगवान शिव — 29 पाठ
- हनुमान जी — 28 पाठ
- माँ लक्ष्मी — 17 पाठ
- सूर्य देव — 16 पाठ
- खाटू श्याम — 13 पाठ
- शनि देव — 13 पाठ
- माँ काली — 13 पाठ
- साईं बाबा — 13 पाठ
- माँ सरस्वती — 11 पाठ
नवग्रह बीज मंत्र
| सूर्य | ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः |
|---|---|
| चन्द्र | ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः |
| मंगल | ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः |
| बुध | ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः |
| गुरु | ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः |
| शुक्र | ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः |
| शनि | ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः |
| राहु | ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः |
| केतु | ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः |
वार अनुसार मंत्र
- रविवार — सूर्य देव — ॐ घृणिः सूर्याय नमः
- सोमवार — भगवान शिव — ॐ नमः शिवाय
- मंगलवार — हनुमान जी — ॐ हं हनुमते नमः
- बुधवार — गणेश जी — ॐ गं गणपतये नमः
- गुरुवार — भगवान विष्णु / बृहस्पति — ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
- शुक्रवार — माँ लक्ष्मी — ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
- शनिवार — शनि देव / हनुमान जी — ॐ शं शनैश्चराय नमः