ज्योतिष आचार्य — जन्म कुंडली से प्रश्न पूछें
ग्रंथ-आधारित · महादशा-गोचर से समय-काल · पहला प्रश्न निःशुल्क
ज्योतिष आचार्य क्या है?
आरती संग्रह का ज्योतिष आचार्य आपकी जन्म तिथि, समय व स्थान से सटीक कुंडली बनाकर प्रश्नों के उत्तर देता है। ये उत्तर बृहत्पाराशरहोराशास्त्र, फलदीपिका, सारावली, जातक तत्त्व जैसे प्रामाणिक ग्रंथों पर आधारित होते हैं — कोई मनगढ़ंत भविष्यवाणी नहीं, केवल शास्त्र-सम्मत विश्लेषण।
महादशा — विंशोत्तरी
- विंशोत्तरी महादशा — 120 वर्ष का पूरा चक्र
- सूर्य महादशा — 6 वर्ष — अन्तर्दशा सारणी सहित
- चन्द्र महादशा — 10 वर्ष — अन्तर्दशा सारणी सहित
- मंगल महादशा — 7 वर्ष — अन्तर्दशा सारणी सहित
- बुध महादशा — 17 वर्ष — अन्तर्दशा सारणी सहित
- गुरु महादशा — 16 वर्ष — अन्तर्दशा सारणी सहित
- शुक्र महादशा — 20 वर्ष — अन्तर्दशा सारणी सहित
- शनि महादशा — 19 वर्ष — अन्तर्दशा सारणी सहित
- राहु महादशा — 18 वर्ष — अन्तर्दशा सारणी सहित
- केतु महादशा — 7 वर्ष — अन्तर्दशा सारणी सहित
प्रमुख दोष व उनके परिहार
- मंगल दोष (मांगलिक) — क्या है, कैसे बनता है, भंग व उपाय
- कालसर्प दोष — क्या है, कैसे बनता है, भंग व उपाय
- पितृ दोष — क्या है, कैसे बनता है, भंग व उपाय
- नाड़ी दोष — क्या है, कैसे बनता है, भंग व उपाय
नवग्रह — कारकत्व, मंत्र व गोचर
- सूर्य ग्रह — कारक, बीज मंत्र व वर्तमान गोचर
- चन्द्र ग्रह — कारक, बीज मंत्र व वर्तमान गोचर
- मंगल ग्रह — कारक, बीज मंत्र व वर्तमान गोचर
- बुध ग्रह — कारक, बीज मंत्र व वर्तमान गोचर
- गुरु ग्रह — कारक, बीज मंत्र व वर्तमान गोचर
- शुक्र ग्रह — कारक, बीज मंत्र व वर्तमान गोचर
- शनि ग्रह — कारक, बीज मंत्र व वर्तमान गोचर
- राहु ग्रह — कारक, बीज मंत्र व वर्तमान गोचर
- केतु ग्रह — कारक, बीज मंत्र व वर्तमान गोचर
निःशुल्क उपकरण
- जन्म कुंडली — ग्रह, भाव व दशा — निःशुल्क
- कुंडली मिलान — अष्टकूट 36 गुण
- साढ़ेसाती — शनि की वर्तमान स्थिति से
- आज का राशिफल — बारह राशियाँ
- शुभ मुहूर्त — राहुकाल व चौघड़िया
किन विषयों पर प्रश्न पूछ सकते हैं?
- करियर व नौकरी — व्यवसाय बनाम नौकरी, उन्नति का समय
- विवाह व दांपत्य — विवाह-योग, समय, गुण-मिलान
- धन व व्यापार — आर्थिक योग, लाभ-हानि का काल
- स्वास्थ्य — रोग-योग व अनुकूल-प्रतिकूल काल
- शिक्षा व विदेश — विद्या-योग, विदेश-गमन
- संतान व परिवार — संतान-योग व पारिवारिक प्रश्न
समय-काल कैसे बताया जाता है?
केवल फल बताना पर्याप्त नहीं — आचार्य विंशोत्तरी महादशा, अंतर्दशा एवं ग्रहों के वर्तमान गोचर का मिलान कर के बताता है कि कोई घटना किस वर्ष या काल में प्रबल है। यही "कब" का उत्तर ज्योतिष को उपयोगी बनाता है।
प्रश्न कैसे पूछें?
अपनी जन्म तिथि, जन्म समय व जन्म स्थान भरें, कुंडली स्वतः बन जाएगी, फिर अपना प्रश्न पूछें। पहला प्रश्न निःशुल्क है। उत्तर के साथ प्रासंगिक ग्रंथ-श्लोक भी दिए जाते हैं।