आरती संग्रह

आरती · मंत्र · पंचांग · ज्योतिष

परिचय

जहाँ भी रहें, भक्ति साथ रहे — आरती, मंत्र, पंचांग और आचार्य, सब एक ही स्थान पर।

शुद्ध पाठ · गणना से निकली तिथि · ग्रंथ से जुड़ा उत्तर। न विज्ञापन का शोर, न अधूरी सामग्री।

कहानी

क्यों बना
आरती के बोल आधे-अधूरे मिलते थे। तिथि हर जगह अलग। ज्योतिष के उत्तर में भय अधिक, प्रमाण कम।

क्या अलग है
तिथि गणना से बनती है, किसी पुरानी सूची से नहीं — सो हर वर्ष अपने-आप सही बैठती है। उत्तर ग्रंथ के सन्दर्भ के साथ आता है।

वचन
जो कहा जाए, पंचांग व शास्त्र से मिलाकर कहा जाए। डर बेचकर नहीं।

क्या मिलेगा

  • पाठ-संग्रह — 331+ आरती, चालीसा, मंत्र व भजन — अर्थ व विधि सहित
  • पंचांग — तिथि, नक्षत्र, योग, राहुकाल व मुहूर्त — खगोलीय गणना से
  • पर्व — 27+ त्योहार — कथा, विधि, नियम व क्षेत्रीय परम्पराएँ
  • जप माला — 108 जप, संकल्प व पृष्ठभूमि-मंत्र; गिनती सुरक्षित
  • ज्योतिष आचार्य — कुंडली से प्रश्न — दशा, गोचर व योग, ग्रंथ-सन्दर्भ सहित
  • धर्म ज्ञान — ग्रंथों में खोज — उत्तर के साथ श्लोक व सन्दर्भ

वीडियो (18)

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