भाई दूज 2027 — रविवार, 31 अक्टूबर 2027
Bhai Dooj · कार्तिक मास · 439 दिन बाद
भाई दूज 2027 कब है?
भाई दूज 2027 में रविवार, 31 अक्टूबर 2027 को है — आज से 439 दिन बाद।
कार्तिक शुक्ल द्वितीया — यम-द्वितीया; बहन भाई को तिलक कर दीर्घायु की कामना करती है।
भाई दूज का महत्व
कार्तिक शुक्ल द्वितीया — यम-द्वितीया; बहन भाई को तिलक कर दीर्घायु की कामना करती है।
यह पर्व कार्तिक मास में पड़ता है। हिन्दू पर्व सौर तिथि पर नहीं, चन्द्र-तिथि पर तय होते हैं — इसीलिए हर वर्ष अंग्रेज़ी कैलेंडर में इनकी तारीख़ बदलती है। यहाँ दी गई तिथि खगोलीय गणना (astronomy-engine + लाहिरी अयनांश) से निकाली गई है, किसी सूची से नहीं।
भाई दूज 2027 — पूजा का शुभ समय
| सूर्योदय | 06:32 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:37 |
| अभिजीत मुहूर्त | 11:42 – 12:26 |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:56 – 05:44 |
| राहुकाल (टालें) | 16:13 – 17:37 |
| व्रत पारण | 06:32 के पश्चात् (1 नवंबर 2027) |
समय नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त पर गणना किए गए हैं — अपने शहर का समय देखें। यह गणना खगोलीय है (astronomy-engine), किसी संग्रहीत सारणी से नहीं ली गई।
भाई दूज पूजा-विधि
- बहन आसन पर भाई को बैठाकर हाथ में चावल का घोल लगाए।
- भाई के माथे पर तिलक कर अक्षत लगाएँ व आरती उतारें।
- भाई की दीर्घायु की कामना कर मिष्ठान्न खिलाएँ।
- यमराज व यमुना का स्मरण करें।
- भाई बहन को उपहार व रक्षा का वचन देता है।
भाई दूज पूजा सामग्री
रोली, अक्षत, दीप, मिठाई, नारियल, थाली
पूजा व मंत्र
यम की आराधना इस पर्व का केंद्र है। मंत्र — ॐ यमाय नमः (108 बार जप)।
जप की गिनती हेतु ऑनलाइन जप-माला का उपयोग किया जा सकता है।
भाई दूज की कथा
यमराज अपनी बहन यमुना के आग्रह पर उनके घर भोजन करने गए और वरदान दिया कि जो भाई इस दिन बहन के घर तिलक कराएगा उसे अकाल-मृत्यु का भय नहीं रहेगा।
भाई दूज — आने वाले वर्षों की तिथियाँ
| 2026 | बुधवार, 11 नवंबर 2026 |
|---|---|
| 2027 | रविवार, 31 अक्टूबर 2027 |
| 2028 | गुरुवार, 19 अक्टूबर 2028 |
| 2029 | बुधवार, 7 नवंबर 2029 |
| 2030 | सोमवार, 28 अक्टूबर 2030 |