चैत्र नवरात्रि 2027 — बुधवार, 7 अप्रैल 2027

Chaitra Navratri · चैत्र मास · 232 दिन बाद

चैत्र नवरात्रि 2027 कब है?

चैत्र नवरात्रि 2027 में बुधवार, 7 अप्रैल 2027 को है — आज से 232 दिन बाद।

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नौ दिन — माँ दुर्गा के नौ रूपों की आराधना, घट-स्थापना से आरंभ।

चैत्र नवरात्रि का महत्व

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नौ दिन — माँ दुर्गा के नौ रूपों की आराधना, घट-स्थापना से आरंभ।

यह पर्व चैत्र मास में पड़ता है। हिन्दू पर्व सौर तिथि पर नहीं, चन्द्र-तिथि पर तय होते हैं — इसीलिए हर वर्ष अंग्रेज़ी कैलेंडर में इनकी तारीख़ बदलती है। यहाँ दी गई तिथि खगोलीय गणना (astronomy-engine + लाहिरी अयनांश) से निकाली गई है, किसी सूची से नहीं।

चैत्र नवरात्रि 2027 — पूजा का शुभ समय

सूर्योदय06:05
सूर्यास्त18:42
ब्रह्म मुहूर्त04:29 – 05:17
राहुकाल (टालें)12:23 – 13:58
व्रत पारण06:03 के पश्चात् (8 अप्रैल 2027)

समय नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त पर गणना किए गए हैं — अपने शहर का समय देखें। यह गणना खगोलीय है (astronomy-engine), किसी संग्रहीत सारणी से नहीं ली गई।

चैत्र नवरात्रि पूजा-विधि

  1. प्रतिपदा को शुभ मुहूर्त में घट-स्थापना कर जौ बोएँ।
  2. नौ दिन माँ दुर्गा के नौ रूपों का क्रमशः पूजन करें।
  3. अखंड ज्योति जलाकर दुर्गा सप्तशती/चालीसा का पाठ करें।
  4. 'ॐ दुं दुर्गायै नमः' का जप कर प्रतिदिन आरती करें।
  5. अष्टमी/नवमी को कन्या-पूजन कर पारण करें।

चैत्र नवरात्रि पूजा सामग्री

कलश, जौ, नारियल, लाल चुनरी, अक्षत, लाल पुष्प, अखंड दीप, श्रृंगार सामग्री, धूप

चैत्र नवरात्रि व्रत के नियम व विधि

नौ दिन का व्रत — फलाहार, अखंड ज्योति व नित्य दुर्गा-सप्तशती का पाठ। घटस्थापना प्रतिपदा के शुभ मुहूर्त में होती है। राम नवमी को कन्या-पूजन के साथ पारण किया जाता है।

पूजा व मंत्र

दुर्गा की आराधना इस पर्व का केंद्र है। मंत्र — ॐ दुं दुर्गायै नमः (108 बार जप)।

जप की गिनती हेतु ऑनलाइन जप-माला का उपयोग किया जा सकता है।

चैत्र नवरात्रि — आने वाले वर्षों की तिथियाँ

2026गुरुवार, 19 मार्च 2026
2027बुधवार, 7 अप्रैल 2027
2028सोमवार, 27 मार्च 2028
2029शनिवार, 14 अप्रैल 2029
2030बुधवार, 3 अप्रैल 2030

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