दशहरा (विजयादशमी) 2027 — शनिवार, 9 अक्टूबर 2027
Dussehra · आश्विन मास · 417 दिन बाद
दशहरा (विजयादशमी) 2027 कब है?
दशहरा (विजयादशमी) 2027 में शनिवार, 9 अक्टूबर 2027 को है — आज से 417 दिन बाद।
आश्विन शुक्ल दशमी — रावण-वध की स्मृति; शस्त्र-पूजा व अपराह्न काल में विजय-मुहूर्त।
दशहरा (विजयादशमी) का महत्व
आश्विन शुक्ल दशमी — रावण-वध की स्मृति; शस्त्र-पूजा व अपराह्न काल में विजय-मुहूर्त।
यह पर्व आश्विन मास में पड़ता है। हिन्दू पर्व सौर तिथि पर नहीं, चन्द्र-तिथि पर तय होते हैं — इसीलिए हर वर्ष अंग्रेज़ी कैलेंडर में इनकी तारीख़ बदलती है। यहाँ दी गई तिथि खगोलीय गणना (astronomy-engine + लाहिरी अयनांश) से निकाली गई है, किसी सूची से नहीं।
दशहरा (विजयादशमी) 2027 — पूजा का शुभ समय
| सूर्योदय | 06:18 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:58 |
| अपराह्न काल (पूजा) | 13:18 – 15:38 |
| अभिजीत मुहूर्त | 11:45 – 12:31 |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:42 – 05:30 |
| राहुकाल (टालें) | 09:13 – 10:40 |
| व्रत पारण | 06:18 के पश्चात् (10 अक्टूबर 2027) |
समय नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त पर गणना किए गए हैं — अपने शहर का समय देखें। यह गणना खगोलीय है (astronomy-engine), किसी संग्रहीत सारणी से नहीं ली गई।
दशहरा (विजयादशमी) पूजा-विधि
- प्रातः स्नान कर अपराह्न (विजय मुहूर्त) में पूजा करें।
- शमी वृक्ष, शस्त्र व वाहन का पूजन करें।
- अपराजिता देवी व श्रीराम का स्मरण कर 'श्री राम जय राम' जप करें।
- रावण-दहन के दर्शन करें व बड़ों का आशीर्वाद लें।
- इस दिन कोई भी नया शुभ कार्य आरंभ करना श्रेष्ठ माना गया है।
दशहरा (विजयादशमी) पूजा सामग्री
शमी पत्र, अक्षत, रोली, पुष्प, दीप, गुड़, धूप
पूजा व मंत्र
राम की आराधना इस पर्व का केंद्र है। मंत्र — श्री राम जय राम जय जय राम (108 बार जप)।
जप की गिनती हेतु ऑनलाइन जप-माला का उपयोग किया जा सकता है।
दशहरा (विजयादशमी) — आने वाले वर्षों की तिथियाँ
| 2026 | मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 |
|---|---|
| 2027 | शनिवार, 9 अक्टूबर 2027 |
| 2028 | बुधवार, 27 सितंबर 2028 |
| 2029 | मंगलवार, 16 अक्टूबर 2029 |
| 2030 | रविवार, 6 अक्टूबर 2030 |