गणेश चतुर्थी 2026 — सोमवार, 14 सितंबर 2026

Ganesh Chaturthi · भाद्रपद मास · 27 दिन बाद

गणेश चतुर्थी 2026 कब है?

गणेश चतुर्थी 2026 में सोमवार, 14 सितंबर 2026 को है — आज से 27 दिन बाद।

भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी — गणपति स्थापना; दस दिन की आराधना के बाद विसर्जन।

गणेश चतुर्थी का महत्व

भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी — गणपति स्थापना; दस दिन की आराधना के बाद विसर्जन।

यह पर्व भाद्रपद मास में पड़ता है। हिन्दू पर्व सौर तिथि पर नहीं, चन्द्र-तिथि पर तय होते हैं — इसीलिए हर वर्ष अंग्रेज़ी कैलेंडर में इनकी तारीख़ बदलती है। यहाँ दी गई तिथि खगोलीय गणना (astronomy-engine + लाहिरी अयनांश) से निकाली गई है, किसी सूची से नहीं।

गणेश चतुर्थी 2026 — पूजा का शुभ समय

सूर्योदय06:05
सूर्यास्त18:27
मध्याह्न काल (पूजा)10:12 – 14:20
अभिजीत मुहूर्त11:51 – 12:41
ब्रह्म मुहूर्त04:29 – 05:17
राहुकाल (टालें)07:38 – 09:11
व्रत पारण06:06 के पश्चात् (15 सितंबर 2026)

समय नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त पर गणना किए गए हैं — अपने शहर का समय देखें। यह गणना खगोलीय है (astronomy-engine), किसी संग्रहीत सारणी से नहीं ली गई।

गणेश चतुर्थी पूजा-विधि

  1. शुभ मुहूर्त (मध्याह्न) में गणपति की मूर्ति स्थापित करें।
  2. प्राण-प्रतिष्ठा कर गंगाजल से स्नान कराएँ; लाल वस्त्र व जनेऊ अर्पित करें।
  3. दूर्वा (21 गाँठ), लाल पुष्प, अक्षत, चंदन व मोदक अर्पित करें।
  4. 'ॐ गं गणपतये नमः' का जप कर गणेश आरती करें।
  5. दस दिन प्रातः-सायं पूजा के बाद अनंत चतुर्दशी को विसर्जन करें।

गणेश चतुर्थी पूजा सामग्री

गणेश मूर्ति, दूर्वा, मोदक/लड्डू, लाल पुष्प, अक्षत, चंदन, जनेऊ, लाल वस्त्र, दीप, धूप, कपूर

पूजा व मंत्र

गणेश की आराधना इस पर्व का केंद्र है। मंत्र — ॐ गं गणपतये नमः (108 बार जप)।

जप की गिनती हेतु ऑनलाइन जप-माला का उपयोग किया जा सकता है।

गणेश चतुर्थी — क्षेत्रीय परम्पराएँ

महाराष्ट्र में सार्वजनिक गणेशोत्सव व दस-दिवसीय विसर्जन-यात्रा इसकी पहचान है; दक्षिण भारत में इसे विनायक चतुर्थी के रूप में घर-घर मनाया जाता है; गोवा में चवथ के नाम से।

गणेश चतुर्थी — आने वाले वर्षों की तिथियाँ

2025बुधवार, 27 अगस्त 2025
2026सोमवार, 14 सितंबर 2026
2027शनिवार, 4 सितंबर 2027
2028बुधवार, 23 अगस्त 2028
2029मंगलवार, 11 सितंबर 2029

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