गोवर्धन पूजा 2027 — शनिवार, 30 अक्टूबर 2027

Govardhan Puja · कार्तिक मास · 438 दिन बाद

गोवर्धन पूजा 2027 कब है?

गोवर्धन पूजा 2027 में शनिवार, 30 अक्टूबर 2027 को है — आज से 438 दिन बाद।

कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा — अन्नकूट; गोवर्धन पर्वत व गौ-पूजन।

गोवर्धन पूजा का महत्व

कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा — अन्नकूट; गोवर्धन पर्वत व गौ-पूजन।

यह पर्व कार्तिक मास में पड़ता है। हिन्दू पर्व सौर तिथि पर नहीं, चन्द्र-तिथि पर तय होते हैं — इसीलिए हर वर्ष अंग्रेज़ी कैलेंडर में इनकी तारीख़ बदलती है। यहाँ दी गई तिथि खगोलीय गणना (astronomy-engine + लाहिरी अयनांश) से निकाली गई है, किसी सूची से नहीं।

गोवर्धन पूजा 2027 — पूजा का शुभ समय

सूर्योदय06:31
सूर्यास्त17:37
अभिजीत मुहूर्त11:42 – 12:26
ब्रह्म मुहूर्त04:55 – 05:43
राहुकाल (टालें)09:18 – 10:41
व्रत पारण06:32 के पश्चात् (31 अक्टूबर 2027)

समय नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त पर गणना किए गए हैं — अपने शहर का समय देखें। यह गणना खगोलीय है (astronomy-engine), किसी संग्रहीत सारणी से नहीं ली गई।

गोवर्धन पूजा पूजा-विधि

  1. प्रातः गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाकर पुष्प-अक्षत से सजाएँ।
  2. छप्पन भोग/अन्नकूट अर्पित करें।
  3. गाय-बैल का पूजन कर परिक्रमा करें।
  4. 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का जप कर श्रीकृष्ण की आरती करें।
  5. अन्नकूट प्रसाद का वितरण करें।

गोवर्धन पूजा पूजा सामग्री

गोबर, अन्नकूट सामग्री, दीप, रोली, अक्षत, पुष्प, दूध, धूप

गोवर्धन पूजा व्रत के नियम व विधि

गोवर्धन पर्वत का प्रतीक गोबर से बनाया जाता है और उसकी परिक्रमा कर अन्नकूट अर्पित किया जाता है। इस दिन गौ-पूजन का विशेष विधान है, और छप्पन भोग अथवा यथाशक्ति अन्नकूट का भोग लगाया जाता है।

पूजा व मंत्र

कृष्ण की आराधना इस पर्व का केंद्र है। मंत्र — ॐ नमो भगवते वासुदेवाय (108 बार जप)।

जप की गिनती हेतु ऑनलाइन जप-माला का उपयोग किया जा सकता है।

गोवर्धन पूजा की कथा

भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के प्रकोप से गोकुल की रक्षा हेतु गोवर्धन पर्वत को कनिष्ठा अंगुली पर उठाया था; तभी से अन्नकूट व गोवर्धन-पूजन की परम्परा है।

गोवर्धन पूजा — आने वाले वर्षों की तिथियाँ

2026मंगलवार, 10 नवंबर 2026
2027शनिवार, 30 अक्टूबर 2027
2028बुधवार, 18 अक्टूबर 2028
2029बुधवार, 7 नवंबर 2029
2030रविवार, 27 अक्टूबर 2030

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