कार्तिक पूर्णिमा 2027 — रविवार, 14 नवंबर 2027
Kartik Purnima · कार्तिक मास · 401 दिन बाद
कार्तिक पूर्णिमा 2027 कब है?
कार्तिक पूर्णिमा 2027 में रविवार, 14 नवंबर 2027 को है — आज से 401 दिन बाद।
कार्तिक पूर्णिमा — देव दीपावली; गंगा-स्नान व दीपदान का महापर्व।
कार्तिक पूर्णिमा 2027 — पूजा का शुभ समय
| सूर्योदय | 06:42 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:28 |
| स्नान-दान (पुण्य काल) | 05:06 – 08:42 |
| अभिजीत मुहूर्त | 11:43 – 12:26 |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:06 – 05:54 |
| राहुकाल (टालें) | 16:07 – 17:28 |
समय नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त पर गणना किए गए हैं — अपने शहर का समय देखें। यह गणना खगोलीय है, किसी संग्रहीत सारणी से नहीं ली गई — और प्रचलित पंचांगों से मिलाकर जाँची गई है (गणना-सत्यापित)।
कार्तिक पूर्णिमा — क्या करें, क्या न करें
इस दिन गंगा-स्नान, दीपदान व अन्न-दान का विशेष विधान है; ब्रह्म मुहूर्त का स्नान श्रेष्ठ माना गया है। संध्या को नदी, तालाब या घर के आँगन में दीप प्रवाहित/प्रज्वलित किए जाते हैं — काशी में यही देव दीपावली है। तुलसी-पूजन व दीपदान के साथ इस दिन का व्रत पूर्ण होता है। मांस, मदिरा व तामसिक भोजन वर्जित हैं; यह दिन गुरु नानक जयंती भी है, अतः अनेक घरों में लंगर व सेवा का आयोजन होता है।
संबंधित पाठ व पर्व
- भगवान विष्णु — सभी पाठ — देवता
- भगवान शिव — सभी पाठ — देवता
- ॐ जय जगदीश हरे — आरती
- श्री विष्णु चालीसा — चालीसा
- विष्णु सहस्रनाम — स्तोत्र
- जय शिव ओंकारा — आरती — आरती
- एकादशी व्रत — व्रत
- गुरुवार की उपासना — वार
कार्तिक पूर्णिमा — आने वाले वर्षों की तिथियाँ
| 2026 | मंगलवार, 24 नवंबर 2026 |
|---|---|
| 2027 | रविवार, 14 नवंबर 2027 |
| 2028 | गुरुवार, 2 नवंबर 2028 |
| 2029 | बुधवार, 21 नवंबर 2029 |
| 2030 | रविवार, 10 नवंबर 2030 |
कार्तिक पूर्णिमा की विधि, सामग्री व कथा
पूजा-विधि, सामग्री, कथा तथा क्षेत्रीय परम्पराएँ हर वर्ष एक ही रहती हैं — वे कार्तिक पूर्णिमा के मुख्य पृष्ठ पर एक ही जगह दी गई हैं। यह पृष्ठ केवल 2027 का बताता है: तिथि, वार व उस दिन का अपना काल।