कार्तिक पूर्णिमा 2027 — रविवार, 14 नवंबर 2027
Kartik Purnima · कार्तिक मास · 453 दिन बाद
कार्तिक पूर्णिमा 2027 कब है?
कार्तिक पूर्णिमा 2027 में रविवार, 14 नवंबर 2027 को है — आज से 453 दिन बाद।
कार्तिक पूर्णिमा — देव दीपावली; गंगा-स्नान व दीपदान का महापर्व।
कार्तिक पूर्णिमा का महत्व
कार्तिक पूर्णिमा — देव दीपावली; गंगा-स्नान व दीपदान का महापर्व।
यह पर्व कार्तिक मास में पड़ता है। हिन्दू पर्व सौर तिथि पर नहीं, चन्द्र-तिथि पर तय होते हैं — इसीलिए हर वर्ष अंग्रेज़ी कैलेंडर में इनकी तारीख़ बदलती है। यहाँ दी गई तिथि खगोलीय गणना (astronomy-engine + लाहिरी अयनांश) से निकाली गई है, किसी सूची से नहीं।
कार्तिक पूर्णिमा 2027 — पूजा का शुभ समय
| सूर्योदय | 06:42 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:28 |
| अभिजीत मुहूर्त | 11:43 – 12:26 |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:06 – 05:54 |
| राहुकाल (टालें) | 16:07 – 17:28 |
| व्रत पारण | 06:43 के पश्चात् (15 नवंबर 2027) |
समय नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त पर गणना किए गए हैं — अपने शहर का समय देखें। यह गणना खगोलीय है (astronomy-engine), किसी संग्रहीत सारणी से नहीं ली गई।
कार्तिक पूर्णिमा पूजा-विधि
- ब्रह्म मुहूर्त में पवित्र नदी (गंगा) में स्नान करें।
- भगवान विष्णु व शिव का पूजन कर तुलसी-दल अर्पित करें।
- संध्या को नदी-घाट व मंदिर में दीपदान करें (देव दीपावली)।
- 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का जप करें।
- अन्न, वस्त्र व दीप का दान करें।
कार्तिक पूर्णिमा पूजा सामग्री
दीप, तेल-बाती, तुलसी-दल, पुष्प, अक्षत, गंगाजल, धूप, दान-सामग्री
पूजा व मंत्र
विष्णु-शिव की आराधना इस पर्व का केंद्र है। मंत्र — ॐ नमो भगवते वासुदेवाय (108 बार जप)।
जप की गिनती हेतु ऑनलाइन जप-माला का उपयोग किया जा सकता है।
कार्तिक पूर्णिमा की कथा
कार्तिक पूर्णिमा को भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का वध किया (त्रिपुरारि), और देवताओं ने काशी में दीप जलाकर उत्सव मनाया — यही 'देव दीपावली'; इस दिन गंगा-स्नान व दीपदान का महापुण्य माना गया है।
कार्तिक पूर्णिमा — आने वाले वर्षों की तिथियाँ
| 2026 | मंगलवार, 24 नवंबर 2026 |
|---|---|
| 2027 | रविवार, 14 नवंबर 2027 |
| 2028 | गुरुवार, 2 नवंबर 2028 |
| 2029 | बुधवार, 21 नवंबर 2029 |
| 2030 | रविवार, 10 नवंबर 2030 |