करवा चौथ 2026 — गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026
Karwa Chauth · कार्तिक मास · 72 दिन बाद
करवा चौथ 2026 कब है?
करवा चौथ 2026 में गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को है — आज से 72 दिन बाद।
कार्तिक कृष्ण चतुर्थी — पति की दीर्घायु हेतु निर्जला व्रत; चन्द्रोदय पर अर्घ्य देकर पारण।
करवा चौथ का महत्व
कार्तिक कृष्ण चतुर्थी — पति की दीर्घायु हेतु निर्जला व्रत; चन्द्रोदय पर अर्घ्य देकर पारण।
यह पर्व कार्तिक मास में पड़ता है। हिन्दू पर्व सौर तिथि पर नहीं, चन्द्र-तिथि पर तय होते हैं — इसीलिए हर वर्ष अंग्रेज़ी कैलेंडर में इनकी तारीख़ बदलती है। यहाँ दी गई तिथि खगोलीय गणना (astronomy-engine + लाहिरी अयनांश) से निकाली गई है, किसी सूची से नहीं।
करवा चौथ 2026 — पूजा का शुभ समय
| सूर्योदय | 06:30 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:38 |
| चन्द्रोदय (अर्घ्य व पारण) | 20:12 |
| अभिजीत मुहूर्त | 11:42 – 12:26 |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:54 – 05:42 |
| राहुकाल (टालें) | 13:28 – 14:51 |
| व्रत पारण | 06:31 के पश्चात् (30 अक्टूबर 2026) |
समय नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त पर गणना किए गए हैं — अपने शहर का समय देखें। यह गणना खगोलीय है (astronomy-engine), किसी संग्रहीत सारणी से नहीं ली गई।
करवा चौथ पूजा-विधि
- सूर्योदय से पूर्व सरगी ग्रहण कर निर्जला व्रत का संकल्प लें।
- सायंकाल शिव-पार्वती, गणेश व करवा माता का पूजन करें।
- करवा चौथ कथा सुनें तथा करवे में जल भरकर रखें।
- चन्द्रोदय पर छलनी से चन्द्रमा व पति को देखें।
- पति के हाथ से जल पीकर व्रत का पारण करें।
करवा चौथ पूजा सामग्री
करवा, छलनी, दीप, रोली, अक्षत, मिठाई, जल, सींक, करवा माता चित्र
करवा चौथ व्रत के नियम व विधि
सूर्योदय से पूर्व सरगी ग्रहण कर निर्जला व्रत आरंभ होता है और चन्द्रोदय तक चलता है। दिन भर जल तक नहीं लिया जाता। संध्या में करवा माता की कथा सुनी जाती है; चन्द्रोदय पर छलनी से पहले चन्द्रमा और फिर पति के दर्शन कर, उनके हाथ से जल पीकर व्रत खोला जाता है।
पूजा व मंत्र
शिव-पार्वती की आराधना इस पर्व का केंद्र है। मंत्र — ॐ नमः शिवाय (108 बार जप)।
जप की गिनती हेतु ऑनलाइन जप-माला का उपयोग किया जा सकता है।
करवा चौथ की कथा
करवा चौथ की कथा में एक पतिव्रता स्त्री के अखंड सौभाग्य व पति की रक्षा का वर्णन है; रानी वीरवती, सावित्री तथा करवा की कथाएँ इस व्रत से जुड़ी प्रसिद्ध कथाएँ हैं। इसी श्रद्धा से सुहागिनें पति की दीर्घायु हेतु यह निर्जला व्रत रखती हैं।
करवा चौथ — क्षेत्रीय परम्पराएँ
पंजाब-हरियाणा में सूर्योदय-पूर्व सरगी व सामूहिक कथा की परम्परा प्रबल है; राजस्थान व उत्तर प्रदेश में करवा-फेरी तथा सास को बायना देने का रिवाज है। आजकल कई स्थानों पर कुँवारी कन्याएँ व पति भी सहभागिता करते हैं।
करवा चौथ — आने वाले वर्षों की तिथियाँ
| 2025 | शुक्रवार, 10 अक्टूबर 2025 |
|---|---|
| 2026 | गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 |
| 2027 | सोमवार, 18 अक्टूबर 2027 |
| 2028 | शनिवार, 7 अक्टूबर 2028 |
| 2029 | शुक्रवार, 26 अक्टूबर 2029 |