मकर संक्रांति 2027 — शुक्रवार, 15 जनवरी 2027
Makar Sankranti · 150 दिन बाद
मकर संक्रांति 2027 कब है?
मकर संक्रांति 2027 में शुक्रवार, 15 जनवरी 2027 को है — आज से 150 दिन बाद।
सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का पर्व — उत्तरायण का आरंभ। तिल-गुड़, स्नान-दान व पतंग की परम्परा।
मकर संक्रांति का महत्व
सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का पर्व — उत्तरायण का आरंभ। तिल-गुड़, स्नान-दान व पतंग की परम्परा।
हिन्दू पर्व सौर तिथि पर नहीं, चन्द्र-तिथि पर तय होते हैं — इसीलिए हर वर्ष अंग्रेज़ी कैलेंडर में इनकी तारीख़ बदलती है। यहाँ दी गई तिथि खगोलीय गणना (astronomy-engine + लाहिरी अयनांश) से निकाली गई है, किसी सूची से नहीं।
मकर संक्रांति 2027 — पूजा का शुभ समय
| सूर्योदय | 07:15 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:45 |
| अभिजीत मुहूर्त | 12:09 – 12:51 |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:39 – 06:27 |
| राहुकाल (टालें) | 11:11 – 12:30 |
| व्रत पारण | 07:14 के पश्चात् (16 जनवरी 2027) |
समय नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त पर गणना किए गए हैं — अपने शहर का समय देखें। यह गणना खगोलीय है (astronomy-engine), किसी संग्रहीत सारणी से नहीं ली गई।
मकर संक्रांति पूजा-विधि
- प्रातः पवित्र नदी/जल में स्नान करें।
- सूर्य को तिल-मिश्रित जल का अर्घ्य दें।
- 'ॐ घृणिः सूर्याय नमः' का जप करें।
- तिल-गुड़, खिचड़ी व वस्त्र का दान करें।
- पतंग उड़ाकर व तिल-गुड़ बाँटकर पर्व मनाएँ।
मकर संक्रांति पूजा सामग्री
तिल, गुड़, खिचड़ी सामग्री, वस्त्र, जल, अक्षत, पुष्प
पूजा व मंत्र
सूर्य की आराधना इस पर्व का केंद्र है। मंत्र — ॐ घृणिः सूर्याय नमः (108 बार जप)।
जप की गिनती हेतु ऑनलाइन जप-माला का उपयोग किया जा सकता है।
मकर संक्रांति — क्षेत्रीय परम्पराएँ
यह पर्व पंजाब में लोहड़ी (एक दिन पूर्व), तमिलनाडु में पोंगल, गुजरात में पतंगोत्सव (उत्तरायण), असम में माघ बिहू व उत्तर भारत में खिचड़ी-दान के रूप में मनाया जाता है।
मकर संक्रांति — आने वाले वर्षों की तिथियाँ
| 2026 | गुरुवार, 15 जनवरी 2026 |
|---|---|
| 2027 | शुक्रवार, 15 जनवरी 2027 |
| 2028 | शनिवार, 15 जनवरी 2028 |
| 2029 | सोमवार, 15 जनवरी 2029 |
| 2030 | मंगलवार, 15 जनवरी 2030 |