पितृ पक्ष 2027 — बुधवार, 15 सितंबर 2027
Pitru Paksha · भाद्रपद मास · 393 दिन बाद
पितृ पक्ष 2027 कब है?
पितृ पक्ष 2027 में बुधवार, 15 सितंबर 2027 को है — आज से 393 दिन बाद।
भाद्रपद पूर्णिमा से आश्विन अमावस्या तक सोलह दिन — पितरों के श्राद्ध व तर्पण का काल।
पितृ पक्ष का महत्व
भाद्रपद पूर्णिमा से आश्विन अमावस्या तक सोलह दिन — पितरों के श्राद्ध व तर्पण का काल।
यह पर्व भाद्रपद मास में पड़ता है। हिन्दू पर्व सौर तिथि पर नहीं, चन्द्र-तिथि पर तय होते हैं — इसीलिए हर वर्ष अंग्रेज़ी कैलेंडर में इनकी तारीख़ बदलती है। यहाँ दी गई तिथि खगोलीय गणना (astronomy-engine + लाहिरी अयनांश) से निकाली गई है, किसी सूची से नहीं।
पितृ पक्ष 2027 — पूजा का शुभ समय
| सूर्योदय | 06:05 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:26 |
| अपराह्न काल (पूजा) | 13:30 – 15:58 |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:29 – 05:17 |
| राहुकाल (टालें) | 12:16 – 13:48 |
| व्रत पारण | 06:06 के पश्चात् (16 सितंबर 2027) |
समय नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त पर गणना किए गए हैं — अपने शहर का समय देखें। यह गणना खगोलीय है (astronomy-engine), किसी संग्रहीत सारणी से नहीं ली गई।
पितृ पक्ष पूजा-विधि
- प्रातः स्नान कर दक्षिण दिशा की ओर मुख कर तर्पण करें।
- जल, तिल, कुश व जौ से पितरों को अर्घ्य दें।
- मृत्यु-तिथि के अनुसार योग्य दिन पिंडदान व श्राद्ध-कर्म करें।
- यथाशक्ति ब्राह्मण-भोज कराकर वस्त्र व दक्षिणा दें।
- गाय, कौआ व श्वान हेतु ग्रास (भोजन-अंश) निकालें।
पितृ पक्ष पूजा सामग्री
तिल, कुश, जौ, जल, पिंड (चावल/जौ आटा), वस्त्र, दक्षिणा, दीप, तुलसी
पूजा व मंत्र
पितृ की आराधना इस पर्व का केंद्र है। मंत्र — ॐ पितृभ्यः नमः (108 बार जप)।
जप की गिनती हेतु ऑनलाइन जप-माला का उपयोग किया जा सकता है।
पितृ पक्ष की कथा
पितृ पक्ष के सोलह दिन पितरों (पूर्वजों) के तर्पण व श्राद्ध का काल हैं; शास्त्रानुसार इन दिनों पितर सूक्ष्म रूप में आते हैं और तर्पण-सेवा से तृप्त होकर कुल को आशीर्वाद देते हैं — यह भय नहीं, कृतज्ञता का पर्व है।
पितृ पक्ष — आने वाले वर्षों की तिथियाँ
| 2026 | शनिवार, 26 सितंबर 2026 |
|---|---|
| 2027 | बुधवार, 15 सितंबर 2027 |
| 2028 | रविवार, 3 सितंबर 2028 |
| 2029 | शनिवार, 22 सितंबर 2029 |
| 2030 | बुधवार, 11 सितंबर 2030 |