शरद पूर्णिमा 2027 — गुरुवार, 14 अक्टूबर 2027
Sharad Purnima · आश्विन मास · 370 दिन बाद
शरद पूर्णिमा 2027 कब है?
शरद पूर्णिमा 2027 में गुरुवार, 14 अक्टूबर 2027 को है — आज से 370 दिन बाद।
आश्विन पूर्णिमा — कोजागरी; चन्द्रमा की किरणों में खीर रखने व लक्ष्मी-जागरण की परम्परा।
शरद पूर्णिमा 2027 — पूजा का शुभ समय
| सूर्योदय | 06:21 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:53 |
| चन्द्रोदय (अर्घ्य व पारण) | 16:57 |
| अभिजीत मुहूर्त | 11:44 – 12:30 |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:45 – 05:33 |
| राहुकाल (टालें) | 13:33 – 15:00 |
समय नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त पर गणना किए गए हैं — अपने शहर का समय देखें। यह गणना खगोलीय है, किसी संग्रहीत सारणी से नहीं ली गई — और प्रचलित पंचांगों से मिलाकर जाँची गई है (गणना-सत्यापित)।
शरद पूर्णिमा — क्या करें, क्या न करें
इस रात्रि चन्द्रमा सोलह कलाओं से पूर्ण होता है और उसकी किरणों को अमृतमयी कहा गया है — इसीलिए खीर बनाकर चाँदनी में (जाली से ढककर) रखी जाती है और अगले दिन प्रसाद रूप में ली जाती है। जागरण कर लक्ष्मी-पूजन व विष्णु-सहस्रनाम का पाठ किया जाता है; इसे कोजागरी (‘को जागर्ति’ — कौन जाग रहा है) कहते हैं। रोगी, दमा व श्वास के रोगियों के लिए इस रात्रि का विशेष विधान बताया गया है। इस रात्रि तामसिक भोजन व कलह से बचा जाता है।
संबंधित पाठ व पर्व
- माँ लक्ष्मी — सभी पाठ — देवता
- ॐ जय लक्ष्मी माता — आरती — आरती
- श्री लक्ष्मी चालीसा — चालीसा
- कनकधारा स्तोत्र — स्तोत्र
- पूर्णिमा व्रत — व्रत
- शुक्रवार की उपासना — वार
शरद पूर्णिमा — आने वाले वर्षों की तिथियाँ
| 2026 | रविवार, 25 अक्टूबर 2026 |
|---|---|
| 2027 | गुरुवार, 14 अक्टूबर 2027 |
| 2028 | सोमवार, 2 अक्टूबर 2028 |
| 2029 | रविवार, 21 अक्टूबर 2029 |
| 2030 | गुरुवार, 10 अक्टूबर 2030 |
शरद पूर्णिमा की विधि, सामग्री व कथा
पूजा-विधि, सामग्री, कथा तथा क्षेत्रीय परम्पराएँ हर वर्ष एक ही रहती हैं — वे शरद पूर्णिमा के मुख्य पृष्ठ पर एक ही जगह दी गई हैं। यह पृष्ठ केवल 2027 का बताता है: तिथि, वार व उस दिन का अपना काल।