विवाह मुहूर्त 2026
58 शुभ दिन · समय, नक्षत्र व तिथि सहित
परिचय
विवाह के लिए शुभ तिथियाँ व समय — वर-वधू के सुखी दाम्पत्य हेतु शास्त्र-सम्मत मुहूर्त, नक्षत्र व तिथि सहित।
अगला शुभ मुहूर्त
20 नवंबर 2026 — 06:31 – 06:48 (21 नवंबर) (उत्तराभाद्रपद नक्षत्र)।
इन अवधियों में मुहूर्त नहीं
- 1 जनवरी 2026 से 14 जनवरी 2026 — खरमास (सूर्य धनु या मीन में)
- 15 जनवरी 2026 से 4 फ़रवरी 2026 — शुक्र अस्त
- 14 मार्च 2026 से 14 अप्रैल 2026 — खरमास (सूर्य धनु या मीन में)
- 17 मई 2026 से 15 जून 2026 — अधिक मास
- 16 जुलाई 2026 से 17 अक्टूबर 2026 — सूर्य कर्क, सिंह या कन्या में
- 18 अक्टूबर 2026 से 19 नवंबर 2026 — चातुर्मास
- 16 दिसंबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 — खरमास (सूर्य धनु या मीन में)
2026 की सभी तिथियाँ (नई दिल्ली)
जनवरी 2026
इस मास विवाह मुहूर्त नहीं।
फ़रवरी 2026 — 9 शुभ दिन
- 8 फ़रवरी 2026, रविवार — 00:07 – 05:02 (9 फ़रवरी) · स्वाति नक्षत्र · कृष्ण सप्तमी, कृष्ण अष्टमी
- 10 फ़रवरी 2026, मंगलवार — 07:55 – 01:42 (11 फ़रवरी) · अनुराधा नक्षत्र · कृष्ण नवमी
- 12 फ़रवरी 2026, गुरुवार — 20:22 – 03:05 (13 फ़रवरी) · मूल नक्षत्र · कृष्ण एकादशी
- 14 फ़रवरी 2026, शनिवार — 18:16 – 03:17 (15 फ़रवरी) · उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · कृष्ण त्रयोदशी
- 19 फ़रवरी 2026, गुरुवार — 20:51 – 06:55 (20 फ़रवरी) · उत्तराभाद्रपद नक्षत्र · शुक्ल तृतीया
- 20 फ़रवरी 2026, शुक्रवार — 06:55 – 01:52 (21 फ़रवरी) · उत्तराभाद्रपद, रेवती नक्षत्र · शुक्ल तृतीया, शुक्ल चतुर्थी
- 21 फ़रवरी 2026, शनिवार — 13:01 – 13:23 · रेवती नक्षत्र · शुक्ल पंचमी
- 25 फ़रवरी 2026, बुधवार — 01:28 – 06:49 (26 फ़रवरी) · मृगशिरा नक्षत्र · शुक्ल नवमी, शुक्ल दशमी
- 26 फ़रवरी 2026, गुरुवार — 06:49 – 12:11 · मृगशिरा नक्षत्र · शुक्ल दशमी
मार्च 2026 — 8 शुभ दिन
- 2 मार्च 2026, सोमवार — 13:44 – 17:56 · मघा नक्षत्र · शुक्ल चतुर्दशी
- 3 मार्च 2026, मंगलवार — 06:44 – 07:31 · मघा नक्षत्र · शुक्ल पूर्णिमा
- 4 मार्च 2026, बुधवार — 07:39 – 08:52 · उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · कृष्ण प्रतिपदा
- 7 मार्च 2026, शनिवार — 11:15 – 06:39 (8 मार्च) · स्वाति नक्षत्र · कृष्ण चतुर्थी, कृष्ण पंचमी
- 8 मार्च 2026, रविवार — 06:39 – 07:03 · स्वाति नक्षत्र · कृष्ण पंचमी
- 9 मार्च 2026, सोमवार — 16:11 – 23:27 · अनुराधा नक्षत्र · कृष्ण षष्ठी
- 11 मार्च 2026, बुधवार — 04:42 – 06:34 (12 मार्च) · मूल नक्षत्र · कृष्ण नवमी
- 12 मार्च 2026, गुरुवार — 06:34 – 09:58 · मूल नक्षत्र · कृष्ण नवमी
अप्रैल 2026 — 9 शुभ दिन
- 15 अप्रैल 2026, बुधवार — 15:22 – 22:31 · उत्तराभाद्रपद नक्षत्र · कृष्ण त्रयोदशी
- 19 अप्रैल 2026, रविवार — 04:35 – 05:50 (20 अप्रैल) · रोहिणी नक्षत्र · शुक्ल तृतीया
- 20 अप्रैल 2026, सोमवार — 05:50 – 17:50 · रोहिणी नक्षत्र · शुक्ल तृतीया, शुक्ल चतुर्थी
- 21 अप्रैल 2026, मंगलवार — 05:49 – 12:31 · मृगशिरा नक्षत्र · शुक्ल पंचमी
- 25 अप्रैल 2026, शनिवार — 02:07 – 05:45 (26 अप्रैल) · मघा नक्षत्र · शुक्ल दशमी
- 26 अप्रैल 2026, रविवार — 05:45 – 20:27 · मघा नक्षत्र · शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी
- 27 अप्रैल 2026, सोमवार — 21:18 – 21:35 · उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · शुक्ल द्वादशी
- 28 अप्रैल 2026, मंगलवार — 21:04 – 05:42 (29 अप्रैल) · उत्तरा फाल्गुनी, हस्त नक्षत्र · शुक्ल त्रयोदशी
- 29 अप्रैल 2026, बुधवार — 05:42 – 20:51 · हस्त नक्षत्र · शुक्ल त्रयोदशी, शुक्ल चतुर्दशी
मई 2026 — 8 शुभ दिन
- 1 मई 2026, शुक्रवार — 10:01 – 21:13 · स्वाति नक्षत्र · शुक्ल पूर्णिमा
- 3 मई 2026, रविवार — 07:10 – 22:27 · अनुराधा नक्षत्र · कृष्ण द्वितीया
- 5 मई 2026, मंगलवार — 19:39 – 05:36 (6 मई) · मूल नक्षत्र · कृष्ण चतुर्थी
- 6 मई 2026, बुधवार — 05:36 – 15:53 · मूल नक्षत्र · कृष्ण चतुर्थी, कृष्ण पंचमी
- 7 मई 2026, गुरुवार — 18:45 – 05:35 (8 मई) · उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · कृष्ण षष्ठी
- 8 मई 2026, शुक्रवार — 05:35 – 12:22 · उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · कृष्ण षष्ठी
- 13 मई 2026, बुधवार — 20:54 – 05:31 (14 मई) · उत्तराभाद्रपद, रेवती नक्षत्र · कृष्ण द्वादशी
- 14 मई 2026, गुरुवार — 05:31 – 17:03 · रेवती नक्षत्र · कृष्ण द्वादशी, कृष्ण त्रयोदशी
जून 2026 — 8 शुभ दिन
- 21 जून 2026, रविवार — 09:31 – 11:21 · उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · शुक्ल सप्तमी
- 22 जून 2026, सोमवार — 10:31 – 05:24 (23 जून) · हस्त नक्षत्र · शुक्ल अष्टमी, शुक्ल नवमी
- 23 जून 2026, मंगलवार — 05:24 – 10:13 · हस्त नक्षत्र · शुक्ल नवमी
- 24 जून 2026, बुधवार — 13:59 – 05:24 (25 जून) · स्वाति नक्षत्र · शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी
- 25 जून 2026, गुरुवार — 05:24 – 07:08 · स्वाति नक्षत्र · शुक्ल एकादशी
- 26 जून 2026, शुक्रवार — 19:15 – 05:25 (27 जून) · अनुराधा नक्षत्र · शुक्ल द्वादशी, शुक्ल त्रयोदशी
- 27 जून 2026, शनिवार — 05:25 – 22:11 · अनुराधा नक्षत्र · शुक्ल त्रयोदशी
- 29 जून 2026, सोमवार — 16:17 – 04:03 (30 जून) · मूल नक्षत्र · शुक्ल पूर्णिमा
जुलाई 2026 — 4 शुभ दिन
- 1 जुलाई 2026, बुधवार — 06:51 – 16:04 · उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया
- 6 जुलाई 2026, सोमवार — 01:41 – 05:29 (7 जुलाई) · उत्तराभाद्रपद नक्षत्र · कृष्ण सप्तमी
- 7 जुलाई 2026, मंगलवार — 05:29 – 14:30 · उत्तराभाद्रपद नक्षत्र · कृष्ण सप्तमी, कृष्ण अष्टमी
- 11 जुलाई 2026, शनिवार — 00:05 – 05:31 (12 जुलाई) · रोहिणी नक्षत्र · कृष्ण द्वादशी, कृष्ण त्रयोदशी
अगस्त 2026
इस मास विवाह मुहूर्त नहीं।
सितंबर 2026
इस मास विवाह मुहूर्त नहीं।
अक्टूबर 2026
इस मास विवाह मुहूर्त नहीं।
नवंबर 2026 — 5 शुभ दिन
- 20 नवंबर 2026, शुक्रवार — 06:31 – 06:48 (21 नवंबर) · उत्तराभाद्रपद नक्षत्र · शुक्ल द्वादशी
- 21 नवंबर 2026, शनिवार — 06:48 – 00:13 (22 नवंबर) · उत्तराभाद्रपद, रेवती नक्षत्र · शुक्ल द्वादशी
- 24 नवंबर 2026, मंगलवार — 23:25 – 06:51 (25 नवंबर) · रोहिणी नक्षत्र · कृष्ण प्रतिपदा
- 25 नवंबर 2026, बुधवार — 06:51 – 06:52 (26 नवंबर) · रोहिणी, मृगशिरा नक्षत्र · कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया
- 26 नवंबर 2026, गुरुवार — 06:52 – 17:47 · मृगशिरा नक्षत्र · कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया
दिसंबर 2026 — 7 शुभ दिन
- 2 दिसंबर 2026, बुधवार — 10:31 – 06:57 (3 दिसंबर) · उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · कृष्ण नवमी, कृष्ण दशमी
- 3 दिसंबर 2026, गुरुवार — 23:04 – 06:58 (4 दिसंबर) · हस्त नक्षत्र · कृष्ण एकादशी
- 4 दिसंबर 2026, शुक्रवार — 06:58 – 10:22 · हस्त नक्षत्र · कृष्ण एकादशी
- 5 दिसंबर 2026, शनिवार — 11:48 – 06:59 (6 दिसंबर) · स्वाति नक्षत्र · कृष्ण द्वादशी, कृष्ण त्रयोदशी
- 6 दिसंबर 2026, रविवार — 06:59 – 07:41 · स्वाति नक्षत्र · कृष्ण त्रयोदशी
- 11 दिसंबर 2026, शुक्रवार — 03:04 – 07:04 (12 दिसंबर) · उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · शुक्ल तृतीया
- 12 दिसंबर 2026, शनिवार — 07:04 – 03:28 (13 दिसंबर) · उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · शुक्ल तृतीया, शुक्ल चतुर्थी
शास्त्रीय नियम
- शुभ नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तराभाद्रपद, रेवती।
- खरमास (सूर्य धनु व मीन में), सिंहस्थ-कर्क-कन्या सूर्य, चातुर्मास (देवशयनी से देवउठनी) व अधिक मास में विवाह नहीं।
- शुक्र या गुरु अस्त हों तो विवाह वर्जित; उदय के बाद व अस्त से पहले के तीन दिन (शिशुत्व/वृद्धत्व) भी।
- अमावस्या, भद्रा (विष्टि करण), स्थिर करण तथा व्यतीपात, वैधृति, परिघ आदि अशुभ योग छोड़े जाते हैं; रेवती का अंतिम व मघा-मूल का प्रथम पाद (गण्डान्त) भी।