त्रिशूल-मुण्ड-धारिणीं गृहे गृहे निवासिनीं

Arth Gangaa · 4 सेकंड · 13 अक्टूबर 2026

वीडियो

स्रोत: Arth Gangaa · YouTube पर देखें

इस वीडियो के बारे में

यह Arth Gangaa चैनल का वीडियो है, जिसे Arth Gangaa ने YouTube पर 13 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित किया। इसकी अवधि 4 सेकंड है।

आरती संग्रह पर यह Arth Gangaa चैनल के साथ रखा गया है — वहाँ इससे जुड़ा पाठ, परिचय और दूसरे वीडियो भी मिलेंगे।

चैनल के विवरण से

त्रिशूल-मुण्ड-धारिणीं, धराविघात-हारिणीम्।
गृहे गृहे निवासिनीं, भजामि विन्ध्यवासिनीम्॥
माँ विंध्यवासिनी की महिमा और इस मंत्र का सरल अर्थ
इस स्तुति में माँ की दिव्य शक्ति, संकटों को दूर करने वाली कृपा और हर घर में उनके मंगलमय वास की भावना व्यक्त होती है।
आइए, मंत्र की प्रत्येक पंक्ति का अर्थ समझें और माँ विंध्यवासिनी का स्मरण करें।
जय माँ विंध्यवासिनी! जय माता दी!
Arth Gangaa पर देवी मंत्र, स्तोत्र और भक्तिमय प्रस्तुतियों के लिए जुड़े रहें।
— Arth Gangaa

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श्रेय

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