आरति कीजै शैल-सुताकी

माँ दुर्गा · Durga · आरती

आरति कीजै शैल-सुताकी — माँ दुर्गा

आरति कीजै शैल-सुताकी के बोल

आरती कीजै शैल-सुता की।
जगदम्बा की आरती कीजै॥

स्नेह-सुधा सुख सुन्दर लीजै।
जिनके नाम लेत दृग भीजै॥
ऐसी वह माता वसुधा की।
आरती कीजै शैल-सुता की॥

पाप-विनाशिनी कलि-मल-हारिणी।
दयामयी भवसागर-तारिणी॥
शस्त्र-धारिणी शैल-विहारिणी।
बुधिराशी गणपति-माता की॥
आरती कीजै शैल-सुता की॥

सिंहवाहिनी मातु भवानी।
गौरव-गान करें जग-प्राणी॥
शिव के हृदयासन की रानी।
करें आरती मिल-जुल ताकि॥
आरती कीजै शैल-सुता की॥

— स्रोत: bhajandiary.com, festivalsdatetime.co.in, aartigyan.com, hindeez.com (४-स्रोत मिलान)

आरति कीजै शैल-सुताकी — कब पढ़ें

माँ दुर्गा की आराधना का दिन मंगलवार है — अगला मंगलवार, 13 अक्टूबर को।

जप की गिनती हेतु ऑनलाइन जप-माला का उपयोग करें — एक माला अर्थात 108 जप।

अगला संबंधित व्रत

माँ दुर्गा से जुड़ा अगला व्रत — मासिक दुर्गाष्टमी, सोमवार, 19 अक्टूबर (9 दिन बाद)।

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