आरती श्री बाला जी की
हनुमान जी · Hanuman · आरती
आरती श्री बाला जी की के बोल
ॐ जय हनुमत वीरा स्वामी जय हनुमत वीरा, संकट मोचन स्वामी तुम हो रणधीरा॥ॐ॥
पवन-पुत्र अंजनी-सुत महिमा अति भारी, दुःख दरिद्र मिटाओ संकट सब हारी॥ॐ॥
बाल समय में तुमने रवि को भक्ष लियो, देवन स्तुति कीन्ही तब ही छोड़ दियो॥ॐ॥
कपि सुग्रीव राम संग मैत्री करवाई, बाली बली मराय कपीसहिं गद्दी दिलवाई॥ॐ॥
जारि लंक को ले सिय की सुधि वानर हर्षाये, कारज कठिन सुधारे रघुवर मन भाये॥ॐ॥
शक्ति लगी लक्ष्मण के भारी सोच भयो, लाय संजीवन बूटी दुःख सब दूर कियो॥ॐ॥
ले पाताल अहिरावण जबहि पैठि गयो, ताहि मारि प्रभु लाये जय जयकार भयो॥ॐ॥
घाटे मेंहदीपुर में शोभित दर्शन अति भारी, मंगल और शनिश्चर मेला है जारी॥ॐ॥
श्री बालाजी की आरती जो कोई नर गावे, कहत इन्द्र हर्षित मन वांछित फल पावे॥ॐ॥
— स्रोत: रणधीर प्रकाशन, ५१ चालीसा संग्रह, पृष्ठ 116
आरती श्री बाला जी की — कब पढ़ें
हनुमान जी की आराधना का दिन मंगलवार है — अगला मंगलवार, 20 अक्टूबर को।
जप की गिनती हेतु ऑनलाइन जप-माला का उपयोग करें — एक माला अर्थात 108 जप।
मंगल की वर्तमान स्थिति
मंगल इस समय कर्क राशि में हैं, और 13 नव॰ 2026 को सिंह राशि में प्रवेश करेंगे।
ग्रह की स्थिति निरयन (लाहिरी) खगोलीय गणना से — यह प्रतिदिन बदलती है।