गाओ गाओ री, प्रिया-प्रीतमकी आरति गाओ
भगवान राम · Ram · आरती
गाओ गाओ री, प्रिया-प्रीतमकी आरति गाओ के बोल
गाओ गाओ री, प्रिया-प्रीतमकी आरति गाओ।
आसपास सखियाँ सुख दैनी, सजि नव साज सिंगार सुनैनी,
बीन सितार लिएँ पिकबैनी, गाइ सुराग सुनाओ॥ १॥
अनुपम छबि धरि दंपति राजत, नील पीत पट भूषन भ्राजत,
निरखत अगनित रति छबि लाजत, नैननको फल पाओ॥ २॥
नीरजनैन चपल चितवनमें, रुचिर अरुनिमा सुचि अधरनमें,
चंद्रबदनकी मधु मुसकनमें निज नयना अरुझाओ॥ ३॥
कंचन थार संवारि मनोहर, घृत कपूर सुभ बाति ज्योतिकर,
मुरछल चँवर लिएँ रामेस्वर हरषि सुमन बरसाओ॥ ४॥
अगला संबंधित व्रत
भगवान राम से जुड़ा अगला व्रत — शुक्ल पक्ष एकादशी, रविवार, 23 अगस्त (5 दिन बाद)।