हरति सब आरती आरती रामको
भगवान राम · Ram · आरती
हरति सब आरती आरती रामको के बोल
हरति सब आरती आरती रामको।
दहन दुख-दोष निरमूलिनी कामकी॥ १॥
सुभग सौरभ धूप दीपबर मालिका।
उड़त अघ-बिहँग सुनि ताल करतालिका॥ २॥
भक्त-हृदि-भवन अज्ञान-तम-हारिनी।
बिमल बखिग्यानमय तेजबिस्तारिनी॥ ३॥
मोह-मद-कोह-कलि-कंज-हिम-जामिनी।
मुक्तिकी दूतिका, देह-दुति दामिनी॥ ४॥
प्रनत-जन-कुमुद-बन-इंदु-कर-जालिका।
तुलसि अभिमानमहिषेस बहु कालिका॥ ५॥
अगला संबंधित व्रत
भगवान राम से जुड़ा अगला व्रत — शुक्ल पक्ष एकादशी, रविवार, 23 अगस्त (5 दिन बाद)।