हरि कर दीपक, बजावें संख सुरपति
भगवान शिव · Shiva · आरती
हरि कर दीपक, बजावें संख सुरपति के बोल
हरि कर दीपक, बजावें संख सुरपति,
गनपति झाँझ, भैरों झालर झरत हैं ।
नारदके कर बीन, सारदा गावत जस,
चारिमुख चारि वेद, बिधि उचरत हैं ॥
षटमुख रटत, ससहस्रमुख सिव सिव,
सनक-सनंदनादि, पाँयन परत हैं ।
बालकृष्ण तीनि लोक, तीस और तीनि कोटि,
एते शिवशंकरकी, आरति करत हैं ॥
हरि कर दीपक, बजावें संख सुरपति — कब पढ़ें
भगवान शिव की आराधना का दिन सोमवार है — अगला सोमवार, 24 अगस्त को।
जप की गिनती हेतु ऑनलाइन जप-माला का उपयोग करें — एक माला अर्थात 108 जप।
अगला संबंधित व्रत
भगवान शिव से जुड़ा अगला व्रत — शुक्ल प्रदोष, मंगलवार, 25 अगस्त (7 दिन बाद)।
अन्य: मासिक शिवरात्रि — बुधवार, 9 सितंबर।