हर हर महादेव शम्भो

भगवान शिव · Shiva · भजन

हर हर महादेव शम्भो — भगवान शिव

हर हर महादेव शम्भो के बोल

हर हर महादेव शम्भो काशी विश्वनाथ गंगे।
हर हर महादेव शम्भो काशी विश्वनाथ गंगे॥

त्रिपुण्ड्र सुन्दर भाल विराजे।
नाग लिपटाये उर पर साजे।
त्रिशूल डमरू हाथ में बाजे।
गंगा लहरे जटा में राजे॥
हर हर महादेव शम्भो काशी विश्वनाथ गंगे।
हर हर महादेव शम्भो काशी विश्वनाथ गंगे॥

नन्दी वाहन शिव सवारी।
भस्म रमाये त्रिनेत्रधारी।
सावन में भोले को पूजें।
भोलेनाथ दुख से छुड़ाये॥
हर हर महादेव शम्भो काशी विश्वनाथ गंगे।
हर हर महादेव शम्भो काशी विश्वनाथ गंगे॥

— स्रोत: परम्परागत शिव भजन

हर हर महादेव शम्भो — कब पढ़ें

भगवान शिव की आराधना का दिन सोमवार है — अगला सोमवार, 24 अगस्त को।

जप की गिनती हेतु ऑनलाइन जप-माला का उपयोग करें — एक माला अर्थात 108 जप।

अगला संबंधित व्रत

भगवान शिव से जुड़ा अगला व्रत — शुक्ल प्रदोष, मंगलवार, 25 अगस्त (7 दिन बाद)।

अन्य: मासिक शिवरात्रि — बुधवार, 9 सितंबर।

भगवान शिव के अन्य पाठ