जय जानकिनाथा, जय श्रीरघुनाथा

भगवान राम · Ram · आरती

जय जानकिनाथा, जय श्रीरघुनाथा — भगवान राम

जय जानकिनाथा, जय श्रीरघुनाथा के बोल

जय जानकिनाथा, जय श्रीरघुनाथा।
दोउ कर जोरें बिनवौं प्रभु! सुनिये बाता॥ टेक ॥
तुम रघुनाथ हमारे प्रानन पिता-माता।
तुम ही सज्जन-संगी भक्ति-मुक्ति-दाता॥
लख चौरासी काटो मेटो यम-त्रासा।

अगला संबंधित व्रत

भगवान राम से जुड़ा अगला व्रत — शुक्ल पक्ष एकादशी, रविवार, 23 अगस्त (5 दिन बाद)।

भगवान राम के अन्य पाठ