श्री पार्वती माता की आरती (जय पार्वती माता)
भगवान शिव · Shiva · आरती
श्री पार्वती माता की आरती (जय पार्वती माता) के बोल
॥ श्री पार्वती माता की आरती ॥
जय पार्वती माता, मैया जय पार्वती माता।
ब्रह्म सनातन देवी, शुभ फल की दाता॥
॥ जय पार्वती माता ॥
अरिकुल पद्म विनाशिनि, जय सेवक त्राता।
जग-जीवन जगदम्बा, हरिहर गुण गाता॥
॥ जय पार्वती माता ॥
सिंह को वाहन साजे, कुण्डल हैं साथा।
देव-वधू जस गावत, नृत्य करत ताथा॥
॥ जय पार्वती माता ॥
सतयुग रूप शील अति सुन्दर, नाम सती कहलाता।
हेमाचल घर जन्मी, सखियन संग राता॥
॥ जय पार्वती माता ॥
शुम्भ-निशुम्भ विदारे, हेमाचल स्थाता।
सहस्र भुजा तनु धरि के, चक्र लियो हाथा॥
॥ जय पार्वती माता ॥
सृष्टि-रूप तुही है जननी, शिव संग रंगराता।
नन्दी भृंगी बीन लही, सारा जग मदमाता॥
॥ जय पार्वती माता ॥
देवन अरज करत हम, चरण ध्यान लाता।
तेरी कृपा रहे तो, मन नहीं भरमाता॥
॥ जय पार्वती माता ॥
मैया जी की आरती, भक्ति-भाव से जो नर गाता।
नित्य सुखी रह करके, सुख-सम्पत्ति पाता॥
जय पार्वती माता, मैया जय पार्वती माता।
ब्रह्म सनातन देवी, शुभ फल की दाता॥
श्री पार्वती माता की आरती (जय पार्वती माता) — कब पढ़ें
भगवान शिव की आराधना का दिन सोमवार है — अगला सोमवार, 24 अगस्त को।
जप की गिनती हेतु ऑनलाइन जप-माला का उपयोग करें — एक माला अर्थात 108 जप।
अगला संबंधित व्रत
भगवान शिव से जुड़ा अगला व्रत — शुक्ल प्रदोष, मंगलवार, 25 अगस्त (7 दिन बाद)।
अन्य: मासिक शिवरात्रि — बुधवार, 9 सितंबर।