सुंदर बदन बिलोकि कै नैनन फल लीजै
भगवान राम · Ram · आरती
सुंदर बदन बिलोकि कै नैनन फल लीजै के बोल
सुंदर बदन बिलोकि कै नैनन फल लीजै।
श्रीजानकीवल्लभलालकी सखि आरति कीजै॥
सुंदर ललित कपोलना छुटि अलक बिराजै।
कंठा कंठ सुहावना गजमुक्ता राजै॥
पाग बनी सिर सोहनी दुपटा द्युतिकारी।
पटुका पेच रंगका मनिजड़ित किनारी॥
सियाजीकी कुसुमी चूनरी सोभित अति न्यारी।
रसिक अलीकी स्वामिनी अतुलित छबि भारी॥
अगला संबंधित व्रत
भगवान राम से जुड़ा अगला व्रत — शुक्ल पक्ष एकादशी, गुरुवार, 22 अक्टूबर (12 दिन बाद)।