भाई दूज 2026 — बुधवार, 11 नवंबर 2026
Bhai Dooj · कार्तिक मास · 33 दिन बाद
भाई दूज 2026 कब है?
भाई दूज 2026 में बुधवार, 11 नवंबर 2026 को है — आज से 33 दिन बाद।
कार्तिक शुक्ल द्वितीया — यम-द्वितीया; बहन भाई को तिलक कर दीर्घायु की कामना करती है।
भाई दूज का महत्व
कार्तिक शुक्ल द्वितीया — यम-द्वितीया; बहन भाई को तिलक कर दीर्घायु की कामना करती है।
यह पर्व कार्तिक मास में पड़ता है। हिन्दू पर्व सौर तिथि पर नहीं, चन्द्र-तिथि पर तय होते हैं — इसीलिए हर वर्ष अंग्रेज़ी कैलेंडर में इनकी तारीख़ बदलती है। यहाँ दी गई तिथि खगोलीय गणना (लाहिरी अयनांश) से निकाली गई है, किसी सूची से नहीं।
भाई दूज 2026 — पूजा का शुभ समय
| सूर्योदय | 06:40 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:29 |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:04 – 05:52 |
| राहुकाल (टालें) | 12:05 – 13:26 |
समय नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त पर गणना किए गए हैं — अपने शहर का समय देखें। यह गणना खगोलीय है, किसी संग्रहीत सारणी से नहीं ली गई — और प्रचलित पंचांगों से मिलाकर जाँची गई है (गणना-सत्यापित)।
भाई दूज पूजा-विधि
- बहन आसन पर भाई को बैठाकर हाथ में चावल का घोल लगाए।
- भाई के माथे पर तिलक कर अक्षत लगाएँ व आरती उतारें।
- भाई की दीर्घायु की कामना कर मिष्ठान्न खिलाएँ।
- यमराज व यमुना का स्मरण करें।
- भाई बहन को उपहार व रक्षा का वचन देता है।
भाई दूज पूजा सामग्री
रोली, अक्षत, दीप, मिठाई, नारियल, थाली
भाई दूज — क्या करें, क्या न करें
यम-द्वितीया को बहन भाई को अपराह्न काल में तिलक कर आरती उतारती है और भाई दीर्घायु का आशीर्वाद व भेंट देता है। परम्परा है कि इस दिन भाई बहन के घर भोजन करे। तिलक से पूर्व बहन का निर्जल रहना कई क्षेत्रों में प्रचलित है। इस दिन भाई-बहन के बीच कटु वचन व विवाद वर्जित माने गए हैं।
पूजा व मंत्र
यम की आराधना इस पर्व का केंद्र है। मंत्र — ॐ यमाय नमः (108 बार जप)।
जप की गिनती हेतु ऑनलाइन जप-माला का उपयोग किया जा सकता है।
भाई दूज की कथा
कथा यमराज व उनकी बहन यमुना की है। यमुना बार-बार भाई को भोजन पर बुलाती रहीं, पर कार्य-व्यस्त यम न आ सके। कार्तिक शुक्ल द्वितीया को वे अचानक बहन के द्वार पहुँचे; यमुना ने तिलक कर आरती उतारी और स्नेह से भोजन कराया। प्रसन्न होकर यम ने वर माँगने को कहा, तो यमुना ने माँगा — जो भाई आज के दिन बहन के हाथ का तिलक लेकर उसके घर भोजन करे, उसे अकाल मृत्यु का भय न रहे। इसीलिए इसे यम-द्वितीया भी कहते हैं, और इसी से बहन का तिलक भाई की आयु की कामना माना जाता है।
भाई दूज — क्षेत्रीय परम्पराएँ
महाराष्ट्र-गोवा में भाऊबीज, बंगाल में भाईफोंटा (चंदन-काजल का टीका), दक्षिण में यम-द्वितीया; नेपाल में इसे भाई टीका कहा जाता है और सात रंगों का तिलक लगाया जाता है।
भाई दूज — आने वाले वर्षों की तिथियाँ
| 2025 | गुरुवार, 23 अक्टूबर 2025 |
|---|---|
| 2026 | बुधवार, 11 नवंबर 2026 |
| 2027 | रविवार, 31 अक्टूबर 2027 |
| 2028 | गुरुवार, 19 अक्टूबर 2028 |
| 2029 | बुधवार, 7 नवंबर 2029 |