श्याम अष्टकम्

खाटू श्याम · Khatu Shyam · स्तोत्र

श्याम अष्टकम् — खाटू श्याम

श्याम अष्टकम् के बोल

जय जय श्याम खाटू वाले। जय जय बर्बरीक दयाले॥
जय भीमपौत्र महाबली। जय घटोत्कचसुत कृपाली॥

जय श्री कृष्ण वरदानधारी। जय कलियुग में भक्तहितकारी॥
जय खाटूधाम में विराजमान। जय श्याम सुन्दर भगवान॥

जय जय श्याम भक्तन के साथी। जय जय श्याम हरत आपत्ति॥
जय जय श्याम शरणागत प्रिय। जय जय श्याम सबके हिय॥

जय श्याम दर्शन मोक्षदाता। जय श्याम भव से तारता॥
जय जय श्याम खाटू वाले। जय जय बर्बरीक दयाले॥

ॐ श्री खाटू श्यामाय नमः।
ॐ श्री खाटू श्यामाय नमः॥

— स्रोत: खाटू श्याम मन्दिर परम्परागत अष्टक

अगला संबंधित व्रत

खाटू श्याम से जुड़ा अगला व्रत — शुक्ल पक्ष एकादशी, रविवार, 23 अगस्त (5 दिन बाद)।

खाटू श्याम मंत्र जप की विधि

जप सामान्यतः **108 बार** — एक माला — किया जाता है। संकल्प लेकर नित्य एक माला करना, अथवा विशेष कामना हेतु 11, 21 अथवा 108 दिन तक नियमित जप करने का विधान है।

ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटा पूर्व) जप हेतु श्रेष्ठ काल है।

माला: **तुलसी** की माला इस जप हेतु उपयुक्त कही गई है। माला की मणियाँ अंगूठे व मध्यमा से फेरी जाती हैं, तर्जनी का स्पर्श वर्जित है, और सुमेरु (मुख्य मनका) लाँघा नहीं जाता — वहाँ से माला उलटकर अगली आवृत्ति आरम्भ की जाती है।

जप के समय पूर्व अथवा उत्तर दिशा की ओर मुख रखें, आसन पर बैठें, और उच्चारण शुद्ध व स्थिर रखें। मन भटके तो गिनती नहीं, स्मरण महत्वपूर्ण है।

खाटू श्याम के अन्य पाठ