श्री खाटू श्याम मन्त्र-संग्रह (मूल + बीज + गायत्री + जप + नाम-मन्त्र)

खाटू श्याम · Khatu Shyam · मंत्र

श्री खाटू श्याम मन्त्र-संग्रह (मूल + बीज + गायत्री + जप + नाम-मन्त्र) — खाटू श्याम

श्री खाटू श्याम मन्त्र-संग्रह (मूल + बीज + गायत्री + जप + नाम-मन्त्र) के बोल

॥ श्री खाटू श्याम मन्त्र-संग्रह ॥

【 मूल / महामन्त्र 】
ॐ श्री श्याम देवाय नमः॥

【 बीज मन्त्र 】
ॐ ह्रीं श्रीं श्याम देवाय नमः॥

【 श्याम गायत्री मन्त्र 】
ॐ मोर्वी नन्दनाय विद्महे, श्याम देवाय धीमहि।
तन्नो बर्बरीकः प्रचोदयात्॥
(पाठभेद: "ॐ बर्बरीकाय विद्महे, श्याम देवाय धीमहि। तन्नो श्यामः प्रचोदयात्॥")

【 श्याम जप मन्त्र 】
ॐ श्याम देवाय बर्बरीकाय हरये परमात्मने।
प्रणतः क्लेशनाशाय सुहृदयाय नमो नमः॥

【 नाम-मन्त्र 】
महाधनुर्धर वीर बर्बरीकाय नमः॥
श्री मोर्व्यै नमः॥ (मोर्वी = बर्बरीक की माता)
श्री मोर्वी नन्दनाय नमः॥
श्री खाटूनाथाय नमः॥
श्री शीशदानेश्वराय नमः॥ (शीश-दान देने वाले)

【 शरणागति मन्त्र 】
हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा।
श्री श्याम शरणं मम॥

अगला संबंधित व्रत

खाटू श्याम से जुड़ा अगला व्रत — शुक्ल पक्ष एकादशी, रविवार, 23 अगस्त (5 दिन बाद)।

खाटू श्याम मंत्र जप की विधि

जप सामान्यतः **108 बार** — एक माला — किया जाता है। संकल्प लेकर नित्य एक माला करना, अथवा विशेष कामना हेतु 11, 21 अथवा 108 दिन तक नियमित जप करने का विधान है।

ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटा पूर्व) जप हेतु श्रेष्ठ काल है।

माला: **तुलसी** की माला इस जप हेतु उपयुक्त कही गई है। माला की मणियाँ अंगूठे व मध्यमा से फेरी जाती हैं, तर्जनी का स्पर्श वर्जित है, और सुमेरु (मुख्य मनका) लाँघा नहीं जाता — वहाँ से माला उलटकर अगली आवृत्ति आरम्भ की जाती है।

जप के समय पूर्व अथवा उत्तर दिशा की ओर मुख रखें, आसन पर बैठें, और उच्चारण शुद्ध व स्थिर रखें। मन भटके तो गिनती नहीं, स्मरण महत्वपूर्ण है।

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