आरति गजवदन विनायक की

श्री गणेश · Ganesha · आरती

आरति गजवदन विनायक की — श्री गणेश

आरति गजवदन विनायक की के बोल

॥ आरति गजवदन विनायक की ॥

आरति गजवदन विनायक की।
सुर-मुनि-पूजित गणनायक की॥ ॥ टेक ॥

एकदन्त शशिभाल गजानन,
विघ्न-विनाशक शुभगुण-कानन,
शिव-सुत वन्द्यमान-चतुरानन,
दुःख-विनाशक सुखदायक की॥
॥ सुर-मुनि-पूजित गणनायक की ॥

ऋद्धि-सिद्धि-स्वामी समर्थ अति,
विमल बुद्धि-दाता सुविमल-मति,
अघ-वन-दहन, अमल अविगत-गति,
विद्या-विनय-विभव-दायक की॥
॥ सुर-मुनि-पूजित गणनायक की ॥

पिंगल नयन, विशाल शुण्डधर,
धूम्रवर्ण शुचि वज्रांकुश-कर,
लम्बोदर बाधा-विपत्ति-हर,
सुर-वन्दित सब विधि लायक की॥

आरति गजवदन विनायक की।
सुर-मुनि-पूजित गणनायक की॥

आरति गजवदन विनायक की — कब पढ़ें

श्री गणेश की आराधना का दिन बुधवार है — अगला बुधवार, 19 अगस्त को।

जप की गिनती हेतु ऑनलाइन जप-माला का उपयोग करें — एक माला अर्थात 108 जप।

अगला संबंधित व्रत

श्री गणेश से जुड़ा अगला व्रत — संकष्टी चतुर्थी, सोमवार, 31 अगस्त (13 दिन बाद)।

अन्य: विनायक चतुर्थी — सोमवार, 14 सितंबर।

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