आरती श्री शनि देव जी की
शनि देव · Shani · आरती
आरती श्री शनि देव जी की के बोल
जय जय शनिदेव महाराज, जन के संकट हरने वाले।
तुम सूर्यपुत्र बलधारी, भय मानत दुनिया सारी जी। साधत हो दुर्लभ काज॥
तुम धर्मराज के भाई, जम क्रूरता पाई जी। घन गर्जन करत आवाज॥
तुम नील देव विकरारी, भैंसा पर करत सवारी जी। कर लोह गदा रहें साज॥
तुम भूपति रंक बनाओ, निर्धन सिर छत्र धराओ जी। समरथ हो करन मम काज॥
राजा को राज मिटाओ, जिन भगतों फेर दिवायो जी। जग में ह्वै गयी जै जैकार॥
तुम हो स्वामी, हम चरनन सिर करत नमामि जी। पुरवो जन जन की आस॥
यह पूजा देव तिहारी, हम करत दिन भाव ते पारी जी। अंगीकृत करो कृपालु जी॥
प्रभु सुधि दृष्टि निहारौ, क्षमिये अपराध हमारो जी। है हाथ तिहारे ही लाज॥
हम बहुत विपत्ति घबराए, शरनागति तुमरी आए जी। प्रभु सिद्ध करो सब काज॥
यह विनय कर जोर के भक्त सुनावें जी। तुम देवन के सिर ताज॥
— स्रोत: रणधीर प्रकाशन, ५१ चालीसा संग्रह, पृष्ठ 63
आरती श्री शनि देव जी की — कब पढ़ें
आज शनिवार है — शनि देव की आराधना का दिन। आज का जप विशेष फलदायी माना गया है।
जप की गिनती हेतु ऑनलाइन जप-माला का उपयोग करें — एक माला अर्थात 108 जप।
शनि की वर्तमान स्थिति
शनि इस समय मीन राशि में (वक्री) हैं, और 4 जून 2027 को मेष राशि में प्रवेश करेंगे।
इस समय मेष, मीन, कुम्भ राशि पर साढ़ेसाती तथा धनु, सिंह राशि पर ढैया चल रही है।
ग्रह की स्थिति निरयन (लाहिरी) खगोलीय गणना से — यह प्रतिदिन बदलती है।