आरती श्री सूर्यदेव जी की

सूर्य देव · Surya · आरती

आरती श्री सूर्यदेव जी की — सूर्य देव

आरती श्री सूर्यदेव जी की के बोल

जय जय जय रविदेव, जय जय जय रविदेव।
राजनीति मदहारी शतदल जीवन दाता॥
षटपद मन मुदकारी हे दिनमणि ताता।
जग के हे रविदेव, जय जय जय रविदेव॥
नभमंडल के वासी ज्योति प्रकाशक देवा।
निज जनहित सुखसारी तेरी हम सब सेवा॥
करते हैं रविदेव, जय जय जय रविदेव।
कनक बदनमन मोहित रूचिर प्रभा प्यारी॥
हे सुरवर रविदेव, जय जय जय रविदेव॥

— स्रोत: रणधीर प्रकाशन, ५१ चालीसा संग्रह, पृष्ठ 78

आरती श्री सूर्यदेव जी की — कब पढ़ें

सूर्य देव की आराधना का दिन रविवार है — अगला रविवार, 18 अक्टूबर को।

जप की गिनती हेतु ऑनलाइन जप-माला का उपयोग करें — एक माला अर्थात 108 जप।

सूर्य की वर्तमान स्थिति

सूर्य इस समय कन्या राशि में हैं, और 18 अक्टू॰ 2026 को तुला राशि में प्रवेश करेंगे।

ग्रह की स्थिति निरयन (लाहिरी) खगोलीय गणना से — यह प्रतिदिन बदलती है।

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