श्री गणेश आरती (शेंदुर लाल चढ़ायो)

श्री गणेश · Ganesha · आरती

श्री गणेश आरती (शेंदुर लाल चढ़ायो) — श्री गणेश

श्री गणेश आरती (शेंदुर लाल चढ़ायो) के बोल

॥ श्री गणेश आरती — शेंदुर लाल चढ़ायो ॥

शेंदुर लाल चढ़ायो अच्छा गजमुख को।
दोंदिल लाल बिराजे सुत गौरिहर को॥
हाथ लिए गुड़ लड्डू साईं सुरवर को।
महिमा कहे न जाय लागत हूँ पद को॥१॥

जय जय जी गणराज विद्यासुखदाता।
धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मत रमता॥
जय देव जय देव॥

अष्टसिद्धि दासी संकट को बैरी।
विघ्न विनाशन मंगल मूरत अधिकारी॥
कोटि सूरज प्रकाश ऐसी छबि तेरी।
गण्डस्थल मदमस्तक झूले शशि बिहरी॥२॥

जय जय जी गणराज विद्यासुखदाता।
धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मत रमता॥
जय देव जय देव॥

भावभगत से कोई शरणागत आवे।
सन्तति सम्पत्ति सबही भरपूर पावे॥
ऐसे तुम महाराज मोको अति भावे।
"गोसावीनन्दन" निशिदिन गुण गावे॥३॥

जय जय जी गणराज विद्यासुखदाता।
धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मत रमता॥
जय देव जय देव॥

श्री गणेश आरती (शेंदुर लाल चढ़ायो) — कब पढ़ें

श्री गणेश की आराधना का दिन बुधवार है — अगला बुधवार, 19 अगस्त को।

जप की गिनती हेतु ऑनलाइन जप-माला का उपयोग करें — एक माला अर्थात 108 जप।

अगला संबंधित व्रत

श्री गणेश से जुड़ा अगला व्रत — संकष्टी चतुर्थी, सोमवार, 31 अगस्त (13 दिन बाद)।

अन्य: विनायक चतुर्थी — सोमवार, 14 सितंबर।

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