अक्षय तृतीया 2027 — रविवार, 9 मई 2027
Akshaya Tritiya · वैशाख मास · 212 दिन बाद
अक्षय तृतीया 2027 कब है?
अक्षय तृतीया 2027 में रविवार, 9 मई 2027 को है — आज से 212 दिन बाद।
वैशाख शुक्ल तृतीया — अबूझ मुहूर्त; इस दिन किया दान व आरंभ अक्षय (कभी क्षय न होने वाला) माना गया है।
अक्षय तृतीया का महत्व
वैशाख शुक्ल तृतीया — अबूझ मुहूर्त; इस दिन किया दान व आरंभ अक्षय (कभी क्षय न होने वाला) माना गया है।
यह पर्व वैशाख मास में पड़ता है। हिन्दू पर्व सौर तिथि पर नहीं, चन्द्र-तिथि पर तय होते हैं — इसीलिए हर वर्ष अंग्रेज़ी कैलेंडर में इनकी तारीख़ बदलती है। यहाँ दी गई तिथि खगोलीय गणना (लाहिरी अयनांश) से निकाली गई है, किसी सूची से नहीं।
अक्षय तृतीया 2027 — पूजा का शुभ समय
| सूर्योदय | 05:34 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 19:00 |
| खरीदारी के शुभ चौघड़िया | लाभ 08:56–10:37 · अमृत 10:37–12:17 · शुभ 13:58–15:39 · शुभ 19:00–20:20 |
| अभिजीत मुहूर्त | 11:50 – 12:44 |
| ब्रह्म मुहूर्त | 03:58 – 04:46 |
| राहुकाल (टालें) | 17:20 – 19:00 |
समय नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त पर गणना किए गए हैं — अपने शहर का समय देखें। यह गणना खगोलीय है, किसी संग्रहीत सारणी से नहीं ली गई — और प्रचलित पंचांगों से मिलाकर जाँची गई है (गणना-सत्यापित)।
अक्षय तृतीया पूजा-विधि
- प्रातः स्नान कर भगवान विष्णु व माँ लक्ष्मी का पूजन करें।
- पीले पुष्प, तुलसी-दल व चंदन अर्पित करें।
- 'ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' का जप करें।
- सोना, चाँदी अथवा नवीन वस्तु का क्रय व कोई शुभ आरंभ करें।
- जल, अन्न, सत्तू व वस्त्र का दान करें।
अक्षय तृतीया पूजा सामग्री
विष्णु-लक्ष्मी चित्र, पीले पुष्प, तुलसी-दल, चंदन, अक्षत, सत्तू, जल-कलश, दीप, धूप
पूजा व मंत्र
विष्णु-लक्ष्मी की आराधना इस पर्व का केंद्र है। मंत्र — ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः (108 बार जप)।
जप की गिनती हेतु ऑनलाइन जप-माला का उपयोग किया जा सकता है।
संबंधित पाठ व पर्व
- भगवान विष्णु — सभी पाठ — देवता
- माँ लक्ष्मी — सभी पाठ — देवता
- ॐ जय जगदीश हरे — आरती
- श्री विष्णु चालीसा — चालीसा
- विष्णु सहस्रनाम — स्तोत्र
- ॐ जय लक्ष्मी माता — आरती — आरती
- एकादशी व्रत — व्रत
- गुरुवार की उपासना — वार
अक्षय तृतीया की कथा
अक्षय तृतीया अबूझ (स्वयंसिद्ध) मुहूर्त है — इस दिन किया दान, जप व आरंभ 'अक्षय' अर्थात् कभी क्षय न होने वाला माना जाता है; इसी तिथि को त्रेतायुग व भगवान परशुराम के अवतरण का आरंभ माना गया है।
अक्षय तृतीया — आने वाले वर्षों की तिथियाँ
| 2026 | सोमवार, 20 अप्रैल 2026 |
|---|---|
| 2027 | रविवार, 9 मई 2027 |
| 2028 | गुरुवार, 27 अप्रैल 2028 |
| 2029 | बुधवार, 16 मई 2029 |
| 2030 | रविवार, 5 मई 2030 |