शरद पूर्णिमा 2028 — सोमवार, 2 अक्टूबर 2028
Sharad Purnima · आश्विन मास · 707 दिन बाद
शरद पूर्णिमा 2028 कब है?
शरद पूर्णिमा 2028 में सोमवार, 2 अक्टूबर 2028 को है — आज से 707 दिन बाद।
आश्विन पूर्णिमा — कोजागरी; चन्द्रमा की किरणों में खीर रखने व लक्ष्मी-जागरण की परम्परा।
शरद पूर्णिमा 2028 — पूजा का शुभ समय
| सूर्योदय | 06:14 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:05 |
| निशीथ काल (मुख्य पूजा) | 23:46 – 00:34 |
| चन्द्रोदय | 17:08 |
| अभिजीत मुहूर्त | 11:46 – 12:33 |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:38 – 05:26 |
| राहुकाल (टालें) | 07:43 – 09:12 |
समय नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त पर गणना किए गए हैं — अपने शहर का समय देखें। यह गणना खगोलीय है, किसी संग्रहीत सारणी से नहीं ली गई — और प्रचलित पंचांगों से मिलाकर जाँची गई है (गणना-सत्यापित)।
चार प्रहर की पूजा का समय
| प्रथम प्रहर | 18:05 – 21:08 |
|---|---|
| द्वितीय प्रहर | 21:08 – 00:10 |
| तृतीय प्रहर | 00:10 – 03:12 |
| चतुर्थ प्रहर | 03:12 – 06:15 |
रात्रि सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक चार बराबर प्रहरों में बाँटी जाती है, और प्रत्येक प्रहर में अभिषेक व पूजा का विधान है। जागरण करने वाले चारों प्रहर की पूजा करते हैं; एक ही बार करना हो तो निशीथ काल श्रेष्ठ है — वही वह क्षण है जिसमें यह पर्व प्रतिष्ठित है।
शरद पूर्णिमा — क्या करें, क्या न करें
इस रात्रि चन्द्रमा सोलह कलाओं से पूर्ण होता है और उसकी किरणों को अमृतमयी कहा गया है — इसीलिए खीर बनाकर चाँदनी में (जाली से ढककर) रखी जाती है और अगले दिन प्रसाद रूप में ली जाती है। जागरण कर लक्ष्मी-पूजन व विष्णु-सहस्रनाम का पाठ किया जाता है; इसे कोजागरी (‘को जागर्ति’ — कौन जाग रहा है) कहते हैं। रोगी, दमा व श्वास के रोगियों के लिए इस रात्रि का विशेष विधान बताया गया है। इस रात्रि तामसिक भोजन व कलह से बचा जाता है।
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शरद पूर्णिमा — आने वाले वर्षों की तिथियाँ
| 2027 | गुरुवार, 14 अक्टूबर 2027 |
|---|---|
| 2028 | सोमवार, 2 अक्टूबर 2028 |
| 2029 | रविवार, 21 अक्टूबर 2029 |
| 2030 | गुरुवार, 10 अक्टूबर 2030 |
| 2031 | बुधवार, 29 अक्टूबर 2031 |
शरद पूर्णिमा की विधि, सामग्री व कथा
पूजा-विधि, सामग्री, कथा तथा क्षेत्रीय परम्पराएँ हर वर्ष एक ही रहती हैं — वे शरद पूर्णिमा के मुख्य पृष्ठ पर एक ही जगह दी गई हैं। यह पृष्ठ केवल 2028 का बताता है: तिथि, वार व उस दिन का अपना काल।