गुरु गोचर — वर्तमान स्थिति
Guru (Jupiter) · 25 अगस्त 2026
वर्तमान गोचर
| ग्रह | गुरु |
|---|---|
| राशि | कर्क |
| अंश | 18° |
| गति | मार्गी |
| इस राशि में | 2 जून 2026 से |
| अगला परिवर्तन | सिंह राशि में 1 नव॰ 2026 से |
| इस राशि में गरिमा | उच्च राशि |
गुरु किसके कारक हैं
गुरु परम शुभ ग्रह — जहाँ दृष्टि डालता है वहाँ वृद्धि करता है हैं और शास्त्र में इन्हें ज्ञान, धर्म, गुरु, संतान, धन-संचय व विवाह (कन्या हेतु पति) का कारक कहा गया है। ये लगभग एक वर्ष प्रति राशि की गति से चलते हैं।
इस समय कर्क राशि में होने से ये उच्च राशि में हैं — यह ग्रह इस राशि में उच्च (exalted) है — शास्त्र अनुसार इसका शुभ फल इस काल में सर्वाधिक प्रबल रहता है।
गुरु के नक्षत्र
विंशोत्तरी पद्धति में गुरु इन तीन नक्षत्रों के स्वामी हैं — जिस जातक का जन्म-नक्षत्र इनमें हो, उसकी महादशा गुरु से आरंभ होती है।
गुरु महादशा
विंशोत्तरी महादशा में गुरु की अवधि 16 वर्ष है (कुल 120 वर्ष के चक्र में)। महादशा का फल ग्रह के बल, भाव-स्वामित्व व गोचर तीनों पर निर्भर करता है — केवल अवधि से नहीं।
गुरु बीज मंत्र, उपाय व दान
ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः
दान: चने की दाल, पीत वस्त्र, हल्दी व केला — गुरुवार को।
उपाय: गुरुवार को गुरु-पूजन, पीत वस्त्र व चने की दाल का दान।
सभी राशियों पर फल
गुरु के कर्क गोचर का सभी 12 राशियों पर शास्त्रीय फल देखें — शुभ, मध्यम व सावधानी सहित।
व्यक्तिगत फल
गुरु के इस गोचर का आपकी कुंडली पर फल जानने हेतु ज्योतिष आचार्य से पूछें।