केतु गोचर — वर्तमान स्थिति
Ketu · 25 अगस्त 2026
वर्तमान गोचर
| ग्रह | केतु |
|---|---|
| राशि | सिंह |
| अंश | 5.5° |
| गति | वक्री |
| इस राशि में | 19 मई 2025 से |
| अगला परिवर्तन | कर्क राशि में 6 दिस॰ 2026 से |
| इस राशि में गरिमा | सामान्य |
केतु किसके कारक हैं
केतु छाया ग्रह — सांसारिक में कमी, आध्यात्मिक में वृद्धि हैं और शास्त्र में इन्हें मोक्ष, वैराग्य, गूढ़ विद्या, अचानक हानि व आध्यात्मिक उन्नति का कारक कहा गया है। ये लगभग डेढ़ वर्ष प्रति राशि (सदैव वक्री) की गति से चलते हैं।
केतु के नक्षत्र
विंशोत्तरी पद्धति में केतु इन तीन नक्षत्रों के स्वामी हैं — जिस जातक का जन्म-नक्षत्र इनमें हो, उसकी महादशा केतु से आरंभ होती है।
केतु महादशा
विंशोत्तरी महादशा में केतु की अवधि 7 वर्ष है (कुल 120 वर्ष के चक्र में)। महादशा का फल ग्रह के बल, भाव-स्वामित्व व गोचर तीनों पर निर्भर करता है — केवल अवधि से नहीं।
केतु बीज मंत्र, उपाय व दान
ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः
दान: कंबल, तिल व सप्तधान्य — मंगलवार को।
उपाय: गणपति-उपासना व कंबल का दान।
सभी राशियों पर फल
केतु के सिंह गोचर का सभी 12 राशियों पर शास्त्रीय फल देखें — शुभ, मध्यम व सावधानी सहित।
व्यक्तिगत फल
केतु के इस गोचर का आपकी कुंडली पर फल जानने हेतु ज्योतिष आचार्य से पूछें।