मंगल गोचर — वर्तमान स्थिति
Mangal (Mars) · 25 अगस्त 2026
वर्तमान गोचर
| ग्रह | मंगल |
|---|---|
| राशि | मिथुन |
| अंश | 14.6° |
| गति | मार्गी |
| इस राशि में | 3 अग॰ 2026 से |
| अगला परिवर्तन | कर्क राशि में 19 सित॰ 2026 से |
| इस राशि में गरिमा | सामान्य |
मंगल किसके कारक हैं
मंगल क्रूर (पाप) ग्रह — ऊर्जा व आक्रामकता दोनों का स्रोत हैं और शास्त्र में इन्हें पराक्रम, भूमि-संपत्ति, भ्राता, साहस, शल्य-कर्म व विवाद का कारक कहा गया है। ये लगभग डेढ़ माह प्रति राशि की गति से चलते हैं।
मंगल के नक्षत्र
विंशोत्तरी पद्धति में मंगल इन तीन नक्षत्रों के स्वामी हैं — जिस जातक का जन्म-नक्षत्र इनमें हो, उसकी महादशा मंगल से आरंभ होती है।
मंगल महादशा
विंशोत्तरी महादशा में मंगल की अवधि 7 वर्ष है (कुल 120 वर्ष के चक्र में)। महादशा का फल ग्रह के बल, भाव-स्वामित्व व गोचर तीनों पर निर्भर करता है — केवल अवधि से नहीं।
मंगल बीज मंत्र, उपाय व दान
ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
दान: मसूर, लाल वस्त्र, गुड़ व तांबा — मंगलवार को।
उपाय: मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ व मसूर का दान।
सभी राशियों पर फल
मंगल के मिथुन गोचर का सभी 12 राशियों पर शास्त्रीय फल देखें — शुभ, मध्यम व सावधानी सहित।
व्यक्तिगत फल
मंगल के इस गोचर का आपकी कुंडली पर फल जानने हेतु ज्योतिष आचार्य से पूछें।